पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: 1 जुलाई 2026 से नई फीस लागू, जानें नई दरें

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: यदि आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं और नया पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट सेवाओं के लिए शुल्क संरचना में बदलाव किया गया है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत सामान्य और तत्काल, दोनों ही तरह की पासपोर्ट सेवाओं के लिए फीस में वृद्धि की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जिन आवेदकों ने 1 जुलाई से पहले ही अपना आवेदन जमा कर दिया था और निर्धारित फीस का भुगतान कर दिया है, उन्हें बढ़ी हुई दरों का भुगतान नहीं करना होगा।

पासपोर्ट की नई शुल्क दरें

नई फीस संरचना के अनुसार, सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले 36 पेज के सामान्य पासपोर्ट की कीमत अब 1,500 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गई है, यानी इसमें 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, 36 पेज वाले तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदकों को अब 5,000 रुपये का शुल्क देना होगा। बड़े आकार के पासपोर्ट की बात करें तो 60 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए अब 3,500 रुपये (पहले 2,000 रुपये) और 60 पेज वाले तत्काल पासपोर्ट के लिए 6,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।

बिहार पर पड़ेगा अधिक असर

इस शुल्क वृद्धि का सीधा असर बिहार के निवासियों पर अधिक पड़ने की संभावना है। राज्य में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले लगभग 80 प्रतिशत से अधिक लोग 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट का ही विकल्प चुनते हैं। बिहार में पासपोर्ट की मांग भी निरंतर बढ़ रही है; पिछले वर्ष राज्य से लगभग 4.51 लाख लोगों ने आवेदन किया था, और अनुमान है कि इस वर्ष यह संख्या 5 लाख का आंकड़ा पार कर सकती है। ऐसे में सामान्य वर्ग के आवेदकों के बजट पर इसका स्पष्ट असर दिखेगा।

पासपोर्ट खोने या खराब होने पर बढ़ी लागत

अक्सर लोग अपने पासपोर्ट के खो जाने या उसके खराब हो जाने के कारण ‘री-इश्यू’ (Re-issue) कराने की प्रक्रिया से गुजरते हैं, जो अब काफी महंगी हो गई है। 36 पेज वाले पासपोर्ट को दोबारा बनवाने (सामान्य श्रेणी) के लिए अब 5,000 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 7,500 रुपये का शुल्क तय किया गया है। इसी तरह, 60 पेज वाले पासपोर्ट के री-इश्यू के लिए सामान्य श्रेणी में 6,000 रुपये और तत्काल सेवा में 8,500 रुपये चुकाने होंगे। यह उन लोगों के लिए बड़ा झटका है जिनके दस्तावेज सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील होते हैं।

बच्चों और बुजुर्गों को मिली राहत

महंगाई के इस दौर में सरकार ने समाज के संवेदनशील वर्गों का ख्याल रखते हुए उन्हें कुछ रियायतें भी दी हैं। 8 साल से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूर्व की भांति 10 प्रतिशत की फीस छूट जारी रहेगी। इससे इन श्रेणियों के आवेदकों को बढ़ी हुई दरों के बावजूद थोड़ी राहत मिल सकेगी।

अन्य सेवाओं के शुल्क में बदलाव

पासपोर्ट के अलावा अन्य आवश्यक सेवाओं के शुल्क में भी इजाफा किया गया है। अब पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) और सरेंडर सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए आवेदकों को 750 रुपये का शुल्क देना अनिवार्य होगा। विदेश मंत्रालय का मानना है कि इन सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए यह संशोधन आवश्यक था।

आवेदकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन जमा करने से पहले पासपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम शुल्क तालिका की जांच अवश्य कर लें ताकि प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। यह बदलाव न केवल राजस्व वृद्धि के लिए है, बल्कि पासपोर्ट प्रणाली को अधिक आधुनिक और डिजिटल बनाने की सरकारी कवायद का भी हिस्सा है।

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