प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे जैसे प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है। इसके अलावा दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर कैनन को भी तैयार रखा गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में मेहनत की थी और मुख्य परीक्षा के बाद आगे की प्रक्रिया की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में परीक्षा रद्द होने के फैसले से उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। वे चाहते हैं कि सरकार और संबंधित आयोग उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब दें।
गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू होगा मार्च
अभ्यर्थियों के मार्च की शुरुआत पटना के गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से करने की योजना है। यहां से उम्मीदवार लोक सेवक आवास की ओर बढ़ेंगे और अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने की कोशिश करेंगे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस पहले से सतर्क है।
मार्च के दौरान अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द करने के फैसले को वापस लेना है। वे चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संबंध में सरकार और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) स्पष्ट निर्णय लें।
इस भर्ती से जुड़े उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से उनकी तैयारी, समय और मेहनत प्रभावित हुई है। कई अभ्यर्थी लंबे समय से इस भर्ती की तैयारी कर रहे थे। मुख्य परीक्षा के बाद उन्हें आगे की प्रक्रिया में शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने उनकी योजनाओं को प्रभावित कर दिया।
जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग
प्रदर्शन को देखते हुए पटना के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। जेपी गोलंबर पर पुलिस की विशेष तैयारी की गई है। वहीं, गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहे पर भी बैरिकेडिंग की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रदर्शनकारियों के लोक सेवक आवास की ओर बढ़ने की योजना को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। पुलिस की कोशिश है कि मार्च के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सके।
जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहा पटना के महत्वपूर्ण यातायात मार्गों में शामिल हैं। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने से यातायात पर असर पड़ने की आशंका रहती है। बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती इसी तरह की स्थिति से निपटने की तैयारी का हिस्सा है।
दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर कैनन तैयार
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। मौके पर दंगा नियंत्रण वाहन, वाटर कैनन और भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी की जानकारी है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी अप्रिय स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे अभ्यर्थियों की आवाजाही पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर उनसे बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित करें। वहीं, अभ्यर्थियों से भी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने की अपेक्षा की जाती है।
भर्ती परीक्षा रद्द होने से नाराज उम्मीदवार अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने और आम लोगों की आवाजाही को यथासंभव सुचारु रखने की चुनौती है।
1799 पदों की भर्ती परीक्षा रद्द होने से नाराजगी
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने 1799 दारोगा पदों पर भर्ती के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा को 23 सितंबर 2026 को रद्द कर दिया था। आयोग ने इसके लिए उस समय ‘अपरिहार्य कारणों’ का उल्लेख किया था। परीक्षा रद्द होने के बाद सफल अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने पटना में विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी की और भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ने की उम्मीद कर रहे थे। मुख्य परीक्षा रद्द होने से उनके लिए आगे की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। उम्मीदवार चाहते हैं कि आयोग अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और भर्ती को आगे बढ़ाने के संबंध में स्पष्ट जानकारी दे।
इस मामले में अभ्यर्थियों की मुख्य मांग केवल परीक्षा रद्द करने के फैसले का विरोध करना नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया के भविष्य को लेकर स्पष्टता हासिल करना भी है। वे जानना चाहते हैं कि अब आगे क्या होगा और उनके पहले के प्रयासों का क्या परिणाम निकलेगा।
सरकार और आयोग से जवाब की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल उम्मीदवारों को समय पर जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने भविष्य की योजना बना सकें। परीक्षा रद्द होने के बाद से वे फैसले की वजह और आगे की प्रक्रिया को लेकर जवाब चाहते हैं।
अब पटना में प्रस्तावित मार्च के जरिए उम्मीदवार अपनी मांगों को सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। प्रदर्शन के दौरान उनकी मांगों पर प्रशासन या सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी।
फिलहाल प्रदर्शन को लेकर पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। गांधी मैदान से लेकर जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे तक पुलिस की तैयारी है। दारोगा अभ्यर्थियों का कहना है कि वे भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं। वहीं, प्रशासन के सामने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने और शहर की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है।