बिहार: पटना एयरपोर्ट से विदेश जाना होगा आसान, जनवरी 2027 से मिलेंगी नई सुविधाएं; दिल्ली-मुंबई में नहीं करना होगा लंबा इंतजार

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BNT Desk: बिहार से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जनवरी 2027 से कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए एयरपोर्ट परिसर में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। लक्ष्य है कि अगले दो महीनों में जरूरी निर्माण और बदलाव पूरे कर लिए जाएं, ताकि जनवरी से यात्रियों को नई व्यवस्था का लाभ मिल सके।

इस सुविधा के शुरू होने से पटना से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए विदेश जाने वाले यात्रियों की यात्रा पहले के मुकाबले सुविधाजनक हो सकती है। फिलहाल कई यात्रियों को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़नी पड़ती है। वहां कस्टम और इमिग्रेशन की प्रक्रिया के साथ कनेक्टिंग फ्लाइट के बीच समय का तालमेल बैठाना भी जरूरी होता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इन प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करना और यात्रियों का समय बचाना है।

 

जनवरी तक कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर शुरू करने की तैयारी

पटना एयरपोर्ट पर कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर बनाने का काम शुरू हो गया है। योजना के अनुसार, अगले दो महीनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि काम तय समय पर पूरा हो जाता है और संबंधित विभागों की आवश्यक मंजूरी मिल जाती है, तो जनवरी 2027 तक यह सुविधा शुरू हो सकती है।

कस्टम और इमिग्रेशन अंतरराष्ट्रीय यात्रा की महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं हैं। कस्टम के तहत यात्रियों के सामान और लागू नियमों के अनुसार जरूरी जांच की जाती है, जबकि इमिग्रेशन में पासपोर्ट, वीजा और अंतरराष्ट्रीय आवाजाही से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाती है।

पटना एयरपोर्ट पर इन सुविधाओं के लिए व्यवस्था विकसित होने से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की प्रक्रिया समझने और कनेक्टिंग फ्लाइट की योजना बनाने में सहूलियत मिल सकती है। हालांकि, सुविधा शुरू होने की अंतिम तारीख निर्माण कार्य की प्रगति और संबंधित विभागों की तैयारियों पर निर्भर करेगी।

 

दिल्ली और मुंबई के एयरपोर्ट पर कम हो सकती है परेशानी

वर्तमान में पटना से विदेश जाने वाले कई यात्रियों को दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े हवाई अड्डों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती है। ऐसी यात्रा में यात्रियों को अपनी पहली उड़ान से उतरने के बाद अगली उड़ान के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है। अलग-अलग टिकट या एयरलाइन होने पर सामान दोबारा बुक कराने और चेक-इन की प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ सकता है।

पटना में नई व्यवस्था विकसित होने से यात्रियों को यात्रा के कुछ जरूरी चरण शुरुआती एयरपोर्ट पर ही पूरे करने की सुविधा मिल सकती है। इससे बड़े एयरपोर्ट पर प्रक्रियाओं के लिए लगने वाला समय कम हो सकता है और कनेक्टिंग उड़ान पकड़ने की योजना बनाना आसान हो सकता है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि नई सुविधा शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि पटना से सभी देशों के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। यह व्यवस्था मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए विकसित की जा रही है। वास्तविक सुविधा संबंधित एयरलाइन, टिकट और यात्रा मार्ग के नियमों पर निर्भर करेगी।

बैगेज कन्वेयर और ट्रांसफर एरिया में भी होंगे बदलाव

परियोजना में केवल कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर बनाना ही शामिल नहीं है। यात्रियों के सामान की छंटाई, जांच और उसे एक विमान से दूसरे विमान तक पहुंचाने की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की योजना है।

इसके लिए बैगेज कन्वेयर सिस्टम, ट्रांसफर एरिया और मौजूदा ढांचे में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। बैगेज कन्वेयर वह व्यवस्था है, जिसके माध्यम से यात्रियों का सामान निर्धारित स्थान तक पहुंचाया जाता है। ट्रांसफर एरिया में कनेक्टिंग उड़ानों से जुड़े सामान को आगे की यात्रा के लिए व्यवस्थित किया जाता है।

योजना के अनुसार, पात्र यात्रियों का सामान पटना में ही बुक करके उनके अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। ऐसी सुविधा उपलब्ध होने पर यात्रियों को दिल्ली या मुंबई पहुंचकर सामान लेकर दोबारा चेक-इन कराने की जरूरत नहीं पड़ सकती।

हालांकि, यह सुविधा सभी यात्रियों और सभी एयरलाइनों के लिए अपने आप लागू नहीं होगी। बैगेज को सीधे अंतिम गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था एयरलाइन के नियमों, टिकट की शर्तों और कनेक्टिंग उड़ानों के बीच समझौते पर निर्भर करती है। इसलिए यात्रियों को टिकट बुक करते समय यह जानकारी जरूर लेनी चाहिए कि उनका सामान अंतिम गंतव्य तक सीधे भेजा जाएगा या बीच के एयरपोर्ट पर उसे दोबारा लेना होगा।

 

सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार होगा एयरपोर्ट परिसर

कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर शुरू करने के लिए यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किए जाएंगे। इसके तहत सिक्योरिटी होल्ड एरिया और स्टेराइल कॉरिडोर में जरूरी सुधार किए जाने की योजना है।

सिक्योरिटी होल्ड एरिया वह हिस्सा होता है, जहां सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद यात्री विमान में सवार होने से पहले इंतजार करते हैं। वहीं, स्टेराइल कॉरिडोर नियंत्रित आवाजाही वाला क्षेत्र होता है, जहां प्रवेश और निकास सुरक्षा नियमों के अनुसार संचालित किए जाते हैं।

नई व्यवस्था में यात्रियों के लिए अलग रास्ते, प्रवेश नियंत्रण और सामान की जांच के लिए उपयुक्त स्थान तैयार किए जाएंगे। निर्माण एजेंसी को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

इन बदलावों का उद्देश्य यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना और अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़ी प्रक्रियाओं को मौजूदा एयरपोर्ट व्यवस्था के साथ जोड़ना है। निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित व्यवस्थाओं की जांच और संचालन की तैयारी भी महत्वपूर्ण होगी।

 

हब एंड स्पोक मॉडल के तहत विकसित हो रही सुविधा

पटना एयरपोर्ट पर इस परियोजना को हब एंड स्पोक मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। इस मॉडल में छोटे या क्षेत्रीय एयरपोर्ट से यात्री बड़े हवाई अड्डों तक पहुंचते हैं और वहां से दूसरी उड़ान के जरिए अपने अंतिम गंतव्य की यात्रा करते हैं।

पटना से विदेश जाने वाले यात्रियों को फिलहाल कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों के लिए दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में पटना एयरपोर्ट पर जरूरी प्रक्रियाओं और बैगेज ट्रांसफर की व्यवस्था बेहतर होने से कनेक्टिंग यात्रा को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

इस मॉडल का लाभ केवल यात्रा की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। यदि कनेक्टिंग उड़ानों और सामान के ट्रांसफर का तालमेल बेहतर होता है, तो यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी हो सकती है। हालांकि, यात्रा का कुल समय इस बात पर भी निर्भर करेगा कि अगली उड़ान कब उपलब्ध है और दोनों उड़ानों के बीच कितना अंतर है।

 

बिहार के यात्रियों को क्या होगा फायदा?

नई सुविधा से सबसे अधिक लाभ उन यात्रियों को मिलने की उम्मीद है, जो पटना से घरेलू उड़ान लेकर दूसरे शहरों से विदेश जाते हैं। विदेश में नौकरी करने वाले, पढ़ाई के लिए जाने वाले, कारोबार करने वाले और परिवार से मिलने के लिए यात्रा करने वाले लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिंग व्यवस्था उपयोगी हो सकती है।

यात्रियों को यात्रा से पहले एयरलाइन से कस्टम और इमिग्रेशन प्रक्रिया, बैगेज ट्रांसफर, चेक-इन और कनेक्टिंग फ्लाइट की शर्तों की जानकारी लेनी चाहिए। खासकर तब, जब यात्रा में अलग-अलग एयरलाइनों की उड़ानें शामिल हों या टिकट अलग-अलग बुक किए गए हों।

फिलहाल, पटना एयरपोर्ट पर कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर के निर्माण तथा बैगेज ट्रांसफर से जुड़ी व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है। जनवरी 2027 तक सुविधा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि निर्माण और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो बिहार से विदेश जाने वाले यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के कुछ चरणों में राहत मिल सकती है।

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