बिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा धमाका, नीतीश के बेटे निशांत की सरप्राइज एंट्री

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BNT Desk: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार का आज पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार हो रहा है। इस विस्तार को लेकर पूरे प्रदेश में गहमागहमी का माहौल है। राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सत्ता के गलियारों में केवल नए मंत्रियों के नामों की चर्चा है।

21 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना

ताजा अपडेट के अनुसार, आज कुल 21 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इस मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा और जेडीयू (JDU) के बीच सीटों के समीकरण को बखूबी साधने की कोशिश की गई है। माना जा रहा है कि इस नई टीम में पुराने अनुभवी चेहरों के साथ-साथ युवाओं को भी तरजीह दी जा रही है, ताकि आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत संदेश दिया जा सके।

सबसे चौंकाने वाला नाम: 

इस कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परिवार से आ रही है। नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार आज मंत्री पद की शपथ लेकर अपनी सक्रिय राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकते हैं। अब तक राजनीति से दूर रहने वाले निशांत का सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में शामिल होना बिहार की सियासत का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम जेडीयू के भविष्य और उत्तराधिकार की योजना का हिस्सा हो सकता है।

दिग्गज नेताओं का लगेगा जमावड़ा

पटना में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए केंद्र सरकार के दिग्गज मंत्रियों और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को आमंत्रित किया गया है।

  • मुख्य अतिथि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस समारोह में शामिल होने की संभावना है।

  • केंद्रीय नेतृत्व: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रह सकते हैं।

  • गठबंधन के साथी: बिहार से जुड़े केंद्रीय मंत्री जैसे चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा की मौजूदगी एनडीए की एकजुटता को दर्शाएगी।

मुख्यमंत्री आवास पर बैठकों का दौर

शपथ ग्रहण से ठीक पहले मुख्यमंत्री आवास (7 सर्कुलर रोड) पर हलचल तेज हो गई है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों की अंतिम सूची पर मुहर लग चुकी है और विभागों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा अंतिम चरण में है।

जातीय और क्षेत्रीय समीकरण पर जोर

सम्राट चौधरी अपनी नई टीम में बिहार के हर वर्ग और क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देना चाहते हैं। कैबिनेट में सीमांचल, मिथिलांचल और मगध क्षेत्र का संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है। साथ ही, दलित और पिछड़ा वर्ग के चेहरों को शामिल कर एनडीए अपने वोट बैंक को सुरक्षित करने की जुगत में है।

विपक्ष की पैनी नजर

एक तरफ जहां एनडीए खेमे में जश्न का माहौल है, वहीं विपक्षी दल आरजेडी (RJD) और कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। विशेषकर निशांत कुमार की एंट्री पर विपक्ष ‘परिवारवाद’ के मुद्दे को लेकर हमलावर हो सकता है।

बिहार की राजनीति में आज का यह विस्तार केवल मंत्रियों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह आने वाले विधानसभा चुनावों की नींव रखने जैसा है। शाम तक सभी मंत्रियों के नाम और उनके विभागों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

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