BNT Desk: बिहार में आने वाले वर्षों में एयर कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ाने की तैयारी है। राज्य के छोटे और मध्यम शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए कई एयरपोर्ट और एयरस्ट्रिप के विकास पर काम चल रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार बीरपुर, सहरसा, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर को छोटे विमानों के संचालन के लिए विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है। इसके लिए बिहार सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच जून 2025 में समझौता भी हुआ था।
छोटे शहरों से शुरू होगी हवाई सेवा
UDAN योजना के तहत इन शहरों में छोटे विमानों के संचालन की तैयारी है। बीरपुर, सहरसा, मुंगेर, वाल्मीकिनगर और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में एयरपोर्ट के विकास की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में है। AAI के 2026-27 के बजट दस्तावेज में मुंगेर, सहरसा और वाल्मीकिनगर परियोजनाओं को प्लानिंग चरण में, जबकि मुजफ्फरपुर को टेंडरिंग चरण में बताया गया है।
बीरपुर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण
सुपौल के बीरपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए अतिरिक्त 88.83 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। बिहार सरकार ने जुलाई 2026 में इसके लिए करीब 29.57 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मुआवजा राशि को मंजूरी दी है।
मुंगेर, सहरसा और मुजफ्फरपुर पर भी फोकस
मुंगेर और सहरसा में एयरपोर्ट के विकास की योजना है, जबकि मुजफ्फरपुर के मौजूदा एयरपोर्ट को छोटे विमानों के संचालन के लिए अपग्रेड किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाना और यात्रियों को पटना या दूसरे बड़े एयरपोर्ट तक लंबी दूरी तय करने से राहत देना है।
सोनपुर में प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट
बिहार के एयर कनेक्टिविटी प्लान में सोनपुर का प्रस्तावित ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी अहम है। राज्य सरकार ने इसके लिए करीब 4,200 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है और 2030 तक परियोजना को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
Raxaul और दूसरे शहर भी योजना में
रक्सौल एयरपोर्ट का विकास भी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित होने के कारण इसका रणनीतिक और व्यापारिक महत्व है। इसके अलावा गोपालगंज, किशनगंज और दूसरे शहरों में भी हवाई सुविधाओं को विकसित करने की योजनाएं अलग-अलग चरणों में हैं।