पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत खुलेंगे 16 नए डिग्री कॉलेज, इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पटना और नालंदा के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छात्रों के लिए अब स्नातक (Graduation) की पढ़ाई करना और भी आसान हो जाएगा। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (PPU) के तहत इस नए शैक्षणिक सत्र से 16 नए अंगीभूत (Constituent) डिग्री कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं।

यह कदम उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगा जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए अपने गांव या प्रखंड से दूर बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।

कहां-कहां खुलेंगे ये नए कॉलेज?

ये 16 नए कॉलेज पटना और नालंदा जिलों के अलग-अलग प्रखंडों (Blocks) में खोले जा रहे हैं। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए स्थानों का चयन कर लिया है।

नालंदा जिला (9 कॉलेज):

नालंदा के इन प्रखंडों में कॉलेज खुलेंगे: रहुई, नूरसराय, बिंद, नगर नौसा, कतरी सराय, थरथरी, कराय-परसुराय, परवलपुर और सरमेरा।

पटना जिला (7 कॉलेज):

पटना जिले के इन इलाकों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी: संपतचक, दनियावां, खुशरुपुर, अथमलगोला, बेलछी, घोषवरी और मनेर।

पहले चरण में इन 6 विषयों की होगी पढ़ाई

शुरुआत में इन कॉलेजों में कला संकाय (Arts Faculty) के विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। वर्तमान सत्र से निम्नलिखित 6 विषयों में स्नातक की पढ़ाई शुरू होगी:

  1. अंग्रेजी

  2. हिंदी

  3. इतिहास (History)

  4. राजनीति विज्ञान (Political Science)

  5. समाजशास्त्र (Sociology)

  6. अर्थशास्त्र (Economics)

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि एक बार ये कॉलेज सुचारू रूप से चलने लगेंगे, तो आने वाले समय में यहाँ विज्ञान (Science) और वाणिज्य (Commerce) संकाय की पढ़ाई भी शुरू कर दी जाएगी।

नामांकन की प्रक्रिया और सीटें

इन नए कॉलेजों में सीमित सीटों के साथ शुरुआत की जा रही है ताकि गुणवत्ता बनी रहे।

  • सीटों का गणित: प्रत्येक विषय में फिलहाल 30-30 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा।

  • कुल क्षमता: इस हिसाब से एक कॉलेज में कुल 180 सीटों पर छात्रों का दाखिला होगा।

यह उन मेधावी छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका है जो अपने ही प्रखंड में रहकर स्नातक की डिग्री पूरी करना चाहते हैं।

मई में नियुक्त होंगे प्राचार्य

कॉलेजों के संचालन के लिए प्रशासनिक तैयारी तेज कर दी गई है। राजभवन की ओर से इन कॉलेजों में प्राचार्यों की बहाली का आदेश जारी हो चुका है।

  • योग्यता: इन पदों पर अनुभवी प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसरों की ही नियुक्ति की जाएगी।

  • समयसीमा: मई महीने के भीतर बहाली की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी ताकि सत्र समय पर शुरू हो सके।

हाई स्कूल भवनों में चलेंगी कक्षाएं

चूंकि नए कॉलेज भवनों के निर्माण में समय लगता है, इसलिए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की है।

  • शिफ्ट में पढ़ाई: ये कॉलेज फिलहाल उन सरकारी हाई स्कूलों के भवनों में चलेंगे जहाँ पर्याप्त जगह और बुनियादी ढांचा उपलब्ध है।

  • प्रबंधन: स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित की जाएगी ताकि स्कूली छात्रों को परेशानी न हो।

  • भवन चयन: जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के परामर्श से उन हाई स्कूलों या अन्य सरकारी भवनों को चिन्हित किया गया है जो कॉलेज चलाने के लिए उपयुक्त हैं।

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