बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की परीक्षाओं में हो रही देरी को लेकर लाखों अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार ने बीएसएससी और बिहार सरकार से जल्द से जल्द लंबित परीक्षाओं की तारीख घोषित करने की मांग की है।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि 34 महीने यानी करीब तीन साल बीत जाने के बाद भी बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई है, जबकि इस बहाली के लिए लाखों अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि द्वितीय इंटर स्तरीय बहाली का विज्ञापन 27 सितंबर 2023 को 11,098 पदों के लिए जारी हुआ था, बाद में पदों की संख्या बढ़कर 26,426 हो गई। लेकिन अभी तक प्रारंभिक परीक्षा (PT) की तारीख जारी नहीं हुई है।
दिलीप कुमार ने कहा कि इसके अलावा चतुर्थ स्नातक स्तरीय बहाली और प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी (BSO) परीक्षा की स्थिति भी यही है। इन परीक्षाओं की तारीख भी अब तक घोषित नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीएसएससी की लेटलतीफी से करीब 50 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी परेशान हैं। तीन साल बाद भी परीक्षा नहीं होना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है।
छात्र नेता ने बीएसएससी पर संविदा कर्मियों को 25 प्रतिशत वेटेज देने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि इससे मेहनत करने वाले बेरोजगार अभ्यर्थियों को नुकसान होगा।
दिलीप कुमार ने मांग की कि बीएसएससी 10 दिनों के अंदर सभी लंबित परीक्षाओं की तारीख घोषित करे और संविदा वेटेज का प्रावधान हटाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो लाखों अभ्यर्थी आंदोलन करने को मजबूर होंगे और बीएसएससी कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।