BNT Desk: बिहार के पूर्णिया जिले में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। होली से ठीक एक दिन पहले 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग लड़की की हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को बांस से लटका दिया गया। पुलिस ने इस मामले में लड़की के ही एक नाबालिग सहपाठी को गिरफ्तार कर लिया है।
चाय बनाने का वादा और होली की अधूरी ख्वाहिश
घटना वाले दिन दोपहर करीब 1 बजे पिता खेत से लौटे और अपनी बेटी से चाय बनाने को कहा। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी ने कहा, “अभी आती हूँ और चाय बनाती हूँ।” घर से निकलते समय उसने पिता को याद दिलाया कि कल होली है, इसलिए बाजार से रंग, पूआ और दही-बाड़ा के लिए सूजी और मूंग दाल जल्दी ले आइएगा। पिता ने मुस्कुराकर हामी भरी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी बेटी कभी चाय बनाने वापस नहीं लौटेगी।
बांस की झाड़ी से बरामद हुआ शव
जब काफी देर तक बेटी वापस नहीं आई, तो पिता ने उसकी तलाश शुरू की। बुधवार की शाम को घर से महज 500 मीटर दूर अमौर प्रखंड के बकनिया बरेली गांव के एक बांस-बाड़ी में उसका शव मिला। बालिका का शव उसी के दुपट्टे से बांस से लटका हुआ था। शरीर पर जख्म के निशान और गले पर गहरे काले धब्बे साफ़ बता रहे थे कि उसके साथ बर्बरता हुई है।
मोबाइल कॉल से खुला हत्या का राज
बेटी के लापता होने के बाद पिता ने घर के मोबाइल की कॉल लिस्ट जांची। पता चला कि घर से निकलने से ठीक पहले उसके सहपाठी का फोन आया था, जो पास के ही गांव का रहने वाला था। इसी सुराग के आधार पर परिजनों ने उस लड़के को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ करने पर नाबालिग आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या
आरोपी ने पुलिस और परिजनों के सामने स्वीकार किया कि उसने पहले छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। जब उसने विरोध किया, तो पकड़े जाने के डर से उसने गला दबाकर उसकी जान ले ली। मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसने शव को दुपट्टे के सहारे बांस से लटका दिया था। मृतका और आरोपी दोनों मध्य विद्यालय चंपा बरेली में कक्षा 8 में साथ पढ़ते थे और अक्सर फोन पर बात किया करते थे।
पुलिस की कार्रवाई
बायसी एसडीपीओ जितेंद्र पांडेय के अनुसार, शुरुआती जांच में यह स्पष्ट है कि दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या की गई है। आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पिता का विलाप कलेजा चीर देने वाला है, वे बस यही कह रहे हैं— “काश! मैंने उसे चाय बनाने के लिए घर में ही रोक लिया होता।”