बिहार: गर्भवती महिला को ले जा रही थी एंबुलेंस; नशे में धुत ड्राइवर ने 15 साल के छात्र को कुचला

बिहार के मोतिहारी में शराब के नशे में धुत एक निजी एंबुलेंस ड्राइवर ने जमकर तांडव मचाया। तेज रफ्तार वाहन से कुचलकर 15 वर्षीय छात्र कुणाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल है। घटना के समय ड्राइवर एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जा रहा था।

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BNT Desk: बिहार में शराबबंदी कानून होने के बावजूद एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक निजी एंबुलेंस ड्राइवर ने शराब के नशे में चूर होकर सड़क पर जमकर तांडव मचाया। तेज रफ्तार एंबुलेंस ने करीब एक किलोमीटर के दायरे में कई लोगों को टक्कर मारी, जिसमें 15 साल के एक छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, उसका चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और गुस्साए लोगों ने ड्राइवर की जमकर धुनाई कर दी।

कोचिंग से घर लौट रहे थे भाई, एंबुलेंस बनी काल

मृतक छात्र की पहचान 15 वर्षीय केशव कुमार उर्फ कुणाल के रूप में हुई है, जो भेल्वा गाँव के रहने वाले शिक्षक उमाशंकर राम का बेटा था। कुणाल आठवीं कक्षा में पढ़ता था और शुक्रवार शाम को अपने 14 साल के चचेरे भाई आकाश के साथ कोचिंग से पढ़कर घर लौट रहा था। चश्मदीदों ने बताया कि एंबुलेंस की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी बीच एंबुलेंस ने दोनों भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कुणाल की जान चली गई।

गर्भवती महिला को ले जा रहा था नशेड़ी ड्राइवर

हैरानी की बात यह है कि आरोपी ड्राइवर संदीप कुमार उर्फ भट्टू यादव उस वक्त एंबुलेंस में एक आठ महीने की गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जा रहा था। गाड़ी में एक गंभीर मरीज होने के बावजूद ड्राइवर शराब के नशे में धुत था। पुलिस की ‘ब्रेथ एनालाइजर’ जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि ड्राइवर ने शराब पी रखी थी। मरीज की जान जोखिम में डालकर नशा करने की बात सुनकर स्थानीय लोग और भी ज्यादा भड़क गए।

भीड़ का फूटा गुस्सा, ड्राइवर की हुई धुनाई

हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने एंबुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया और ड्राइवर को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह ड्राइवर को भीड़ से बचाया और उसे हिरासत में लिया। फिलहाल घायल ड्राइवर का इलाज कराया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी के दावों पर इस घटना ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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