फर्जी शादी और शोषण का मामला: सहायक जेलर की गिरफ्तारी

बिहार के समस्तीपुर में सहायक जेलर आदित्य कुमार को झूठी शादी और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पीड़िता ने मानसिक और शारीरिक दबाव के कारण नस काटकर आत्महत्या की कोशिश की। आरोपी की मां ने मामले को पैसों के इरादे से फंसाने का आरोप पलटा।

BNT
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समस्तीपुर (दलसिंहसराय) के सहायक जेलर आदित्य कुमार को एक महिला द्वारा झूठी शादी और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता ने बताया कि आदित्य ने मंदिर में शादी कर उसे पत्नी बताकर तीन साल तक साथ रखा। महिला का कहना है कि उसने अपने परिवार और बच्चों को छोड़कर जेलर के सरकारी आवास में रहना शुरू किया, क्योंकि उस पर भरोसा था। घटना के खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, और लोग इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आरोप और पीड़िता की स्थिति

महिला ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें झूठी शादी, यौन शोषण, मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप शामिल हैं। पीड़िता ने बताया कि जब उसने स्थायी रिश्ता और पत्नी का दर्जा मांगा, तो उसे मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके अलावा, पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उससे मिलने वाले पैसों की मांग भी की और समझौते के लिए दबाव बनाया। अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव के कारण पीड़िता ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या की कोशिश की।

गिरफ्तारी और परिवार की प्रतिक्रिया

घटना सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और सहायक जेलर आदित्य कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं आरोपी की मां, सरिता देवी, का कहना है कि महिला पहले से विवाहित थी और पैसों के उद्देश्य से अपने बेटे को फंसाया गया। इस बयान ने मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस अब जांच में यह पता लगाने में जुटी है कि आरोप सही हैं या किसी तरह का झूठा मामला रचा गया है।

सवाल और सुरक्षा

यह मामला सिर्फ आरोपी का नहीं — बल्कि उस सिस्टम और संस्था की साख पर भी सवाल खड़ा करता है, जिसमें कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारी खुद दोषी पाए जाएँ। विशेषज्ञ पूछ रहे हैं कि क्या जेलरों की पृष्ठभूमि जांच और निगरानी पर्याप्त है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय किए जाते हैं। इस घटना ने प्रशासन और कानून व्यवस्था की क्षमता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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