महिला आयोग में पूजा सिंह ने दिया आवेदन
जानकारी के अनुसार, पूजा सिंह ने बिहार राज्य महिला आयोग के समक्ष अपनी शिकायत रखी है। उन्होंने आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह के विरुद्ध उत्पीड़न से संबंधित आरोप लगाए हैं। आयोग में आवेदन दिए जाने के बाद मामला अब औपचारिक रूप से महिला आयोग के स्तर पर भी पहुंच गया है।
महिला आयोग में शिकायत दिए जाने का उद्देश्य मामले को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाना और शिकायतकर्ता की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई की मांग करना है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए सभी आरोपों का पूरा विवरण और शिकायत की प्रत्येक मांग सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। इसलिए आरोपों से जुड़ी बातों को शिकायतकर्ता के पक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अध्यक्ष ने वरीय अधिकारी को लिखा पत्र
मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने मामले को लेकर एक वरीय अधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट देने की मांग की गई है। इससे संकेत मिलता है कि आयोग शिकायत के संबंध में संबंधित पक्ष से जानकारी प्राप्त करना चाहता है। रिपोर्ट मांगे जाने के बाद संबंधित अधिकारी को मामले से जुड़े उपलब्ध तथ्यों और अब तक की कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि रिपोर्ट किस अधिकारी या विभाग से मांगी गई है और उसमें किन-किन बिंदुओं पर जवाब देने को कहा गया है। तीन दिन की समयसीमा पूरी होने के बाद आयोग रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पर विचार कर सकता है। फिलहाल, आयोग की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। इसे आरोपों की पुष्टि या किसी अधिकारी को दोषी ठहराए जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पहले भी सामने आ चुका है पति-पत्नी के बीच विवाद
भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच वैवाहिक विवाद पहले भी सार्वजनिक चर्चा में आ चुका है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूजा सिंह ने अपने पति और ससुराल पक्ष को लेकर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने अपनी बेटी से मिलने में परेशानी होने की बात भी कही थी। रिपोर्टों में पूजा सिंह के हवाले से कहा गया था कि आईपीएस अधिकारी बनने के बाद उनके पति के व्यवहार में बदलाव आया और वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। ये आरोप पूजा सिंह की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें स्वतंत्र जांच या न्यायिक निर्णय से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। इस विवाद के दौरान परिवार और बच्ची से जुड़े मुद्दे भी सामने आए। पूजा सिंह की ओर से अपनी बात संबंधित पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने की खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। अब बिहार राज्य महिला आयोग में आवेदन दिए जाने के बाद मामला एक और संस्थागत स्तर पर पहुंच गया है।
भानु प्रताप सिंह कौन हैं?
भानु प्रताप सिंह बिहार कैडर के 2021 बैच के IPS अधिकारी हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह खगड़िया जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। उनके निजी जीवन से जुड़ा विवाद सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया था। किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ शिकायत आने पर संबंधित आरोपों की जांच और तथ्यों का सत्यापन जरूरी होता है। इस मामले में भी शिकायत, संबंधित दस्तावेजों, दोनों पक्षों के बयान और अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तीन दिन की रिपोर्ट के बाद आगे क्या?
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम महिला आयोग की ओर से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगा जाना है। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग शिकायत में उठाए गए मुद्दों और संबंधित अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी पर विचार कर सकता है। आगे की कार्रवाई शिकायत की प्रकृति, उपलब्ध तथ्यों और संबंधित नियमों के अनुसार तय होगी। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आयोग रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाएगा या किसी अन्य प्रक्रिया के तहत मामले को आगे बढ़ाएगा। इस संबंध में आयोग की ओर से अगली कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पूजा सिंह की शिकायत के बाद मामले पर प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर ध्यान बढ़ा है। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि शिकायत पर अंतिम निर्णय क्या होगा। आरोपों की निष्पक्ष जांच, संबंधित पक्षों का जवाब और आधिकारिक रिपोर्ट इस मामले में आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।