BNT Desk: पटना में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को और उग्र हो गया। BPSC TRE-4 समेत विभिन्न सरकारी भर्तियों की मांग को लेकर गर्दनीबाग में 18 अगस्त से धरने पर बैठे हजारों छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर भारी पुलिस बल और CRPF की तैनाती की गई थी। छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर तनातनी हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने छात्रों को रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विरोध का अनोखा तरीका भी अपनाया। हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे कुछ प्रदर्शनकारी पानी की तेज बौछार के बीच सड़क पर ही शैम्पू लगाकर नहाने लगे। छात्रों ने इसे वाटर कैनन के खिलाफ अपना अनोखा विरोध बताया। इस दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया। प्रदर्शन के बीच एक छात्र की तबीयत बिगड़ने की भी सूचना है।
जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र
मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर डबल लेयर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ CRPF जवानों को भी तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के सामने पहुंचने के बाद आगे बढ़ने पर अड़ गए। कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और बाद में उसे तोड़कर डाकबंगला की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। गांधी मैदान से लेकर डाकबंगला और इनकम टैक्स गोलंबर तक भी प्रदर्शन का असर दिखाई दिया। कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और भिड़ंत की स्थिति बनी।
वाटर कैनन के बीच छात्रों का अनोखा विरोध
प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। तेज पानी की बौछार के बावजूद कुछ छात्र पीछे हटने के बजाय सड़क पर डटे रहे। इसी दौरान कुछ छात्रों ने हाथों में तिरंगा लेकर वाटर कैनन का अनोखे अंदाज में विरोध किया। प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ लोगों ने पानी की बौछार के बीच शैम्पू लगाकर स्नान किया। छात्रों का कहना था कि वे पुलिस की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई। कुछ छात्रों को जबरन मौके से हटाया गया। आंदोलन के दौरान एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी चिंता दिखाई दी।
18 अगस्त से गर्दनीबाग में चल रहा आंदोलन
BPSC TRE-4 और अन्य सरकारी भर्तियों को लेकर छात्र 18 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई मांगें सरकार और संबंधित आयोगों के सामने रख रहे हैं। मंगलवार को आंदोलन कर रहे छात्रों ने धरना स्थल से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का फैसला किया। मार्च का नेतृत्व ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन यानी ABSU के छात्र नेता अमन गुट की ओर से किया गया। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से कई भर्ती प्रक्रियाएं लंबित हैं। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की उम्र बढ़ रही है और उन्हें नौकरी के अवसरों का नुकसान हो रहा है।
TRE-4 में PT और Mains को लेकर विरोध
छात्रों की प्रमुख मांग BPSC TRE-4 में PT और Mains की प्रक्रिया को लेकर है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया सरल और स्पष्ट हो तथा अभ्यर्थियों को बार-बार अलग-अलग चरणों की परीक्षा में शामिल होने की परेशानी न हो। इसके अलावा छात्र TRE-4 में नेगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें अभ्यर्थियों को स्पष्ट नियमों के साथ अवसर मिले।
100 प्रतिशत डोमिसाइल की मांग
आंदोलन कर रहे छात्रों की एक प्रमुख मांग सरकारी नौकरियों में 100 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की भी है। छात्रों का कहना है कि बिहार की सरकारी नौकरियों में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि बिहार में बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में सरकारी नियुक्तियों में बिहार के अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
BSSC और दूसरी भर्तियों को लेकर भी मांग
छात्रों ने केवल BPSC TRE-4 तक आंदोलन को सीमित नहीं रखा है। उनकी मांगों में BSSC CGL-4, BSO और A EDO परीक्षाओं की तारीख जल्द जारी करना भी शामिल है। इसके अलावा लाइब्रेरियन और BET यानी Bihar Eligibility Test से जुड़ी भर्ती शुरू करने की मांग भी उठाई जा रही है। छात्रों ने विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर रहे हैं। इसलिए सरकारी भर्तियों में उम्र सीमा में उचित छूट देने की मांग भी की जा रही है।
संविदा कर्मचारियों के वेटेज का भी विरोध
छात्रों ने BSSC की भर्ती प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों को मिलने वाले वेटेज को खत्म करने की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर होना चाहिए। इसके साथ ही दरोगा, सिपाही, BSSC और BPSC समेत सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से लेकर रिजल्ट और नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और निष्पक्ष होनी चाहिए।
पुलिस-प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
फिलहाल छात्र डाकबंगला की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पुलिस और CRPF की टीमें उन्हें रोकने में जुटी हैं। बैरिकेडिंग टूटने और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद पटना के कई प्रमुख इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। छात्र अपनी मांगों पर सरकार से स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर आगे न बढ़ें। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेता है।