BNT Desk: विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन की तैयारी तेज कर दी गई है। सेतु पर बनाए गए चारों बेली ब्रिज को हटाने का काम 29 अगस्त से शुरू किया जाएगा। इसके लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की पूरी लॉन्चिंग टीम भागलपुर पहुंचेगी। बीआरओ की टीम के 26 अगस्त तक भागलपुर पहुंचने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक बेली ब्रिज हटाने की पूरी प्रक्रिया में करीब पांच से छह दिन का समय लग सकता है। बेली ब्रिज हटाने के बाद विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों के स्थायी पुनर्स्थापन का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए निर्माण सामग्री भागलपुर पहुंचने लगी है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से काम को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
26 अगस्त तक पहुंचेगी BRO की पूरी टीम
विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन को लेकर सरकार की ओर से बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन को विधिवत सूचना दी जा चुकी है। बीआरओ के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विपिन कुमार चंद के अनुसार, सेतु पर मेंटेनेंस से जुड़ी टीम पहले से भागलपुर में मौजूद है। वहीं, बेली ब्रिज हटाने के लिए जरूरी पूरी लॉन्चिंग टीम को 26 अगस्त तक भागलपुर पहुंचाने की तैयारी है। टीम के सदस्यों के आने-जाने की व्यवस्था की जा रही है। टीम के पहुंचने के बाद बेली ब्रिज को हटाने का काम निर्धारित प्रक्रिया के तहत शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, चारों बेली ब्रिज हटाने में करीब पांच से छह दिन लग सकते हैं। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों के स्थायी पुनर्निर्माण का काम तेजी से शुरू किया जाएगा।
बेली ब्रिज की जगह बनेगा स्टील ब्रिज
विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन के लिए तैयार योजना के तहत जिन स्थानों पर फिलहाल बेली ब्रिज बनाए गए हैं, वहां अब स्थायी स्टील ब्रिज तैयार किया जाएगा। स्टील ब्रिज तैयार होने के बाद उस पर नए डेक स्लैब फिक्स किए जाएंगे। इसी तकनीकी प्रक्रिया के जरिए सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाएगा। इस काम के लिए जरूरी निर्माण सामग्री की आपूर्ति भी शुरू हो गई है। हरियाणा के पंचकूला और मेरठ से स्टील गर्डर, कंक्रीट डेक स्लैब और स्ट्रक्चर बीम भागलपुर पहुंचने लगे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में जरूरी सामग्री की बड़ी खेप भागलपुर पहुंच जाएगी। इससे सेतु बंद होने के बाद निर्माण कार्य को बिना किसी बड़ी बाधा के शुरू किया जा सकेगा।
करीब 99 करोड़ रुपये की परियोजना
विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन के काम की जिम्मेदारी एसपी सिंगला एजेंसी को दी गई है। इस पूरी परियोजना पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि काम शुरू करने में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। निर्माण सामग्री पहले से मंगाई जा रही है, ताकि बेली ब्रिज हटने के बाद मरम्मत और पुनर्स्थापन का काम तुरंत शुरू किया जा सके। इससे निर्माण एजेंसी को समय बचाने में भी मदद मिलेगी।
30 नवंबर तक सेतु चालू करने का लक्ष्य
विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन का काम 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद सेतु को दोबारा आम लोगों के आवागमन के लिए खोलने की योजना है। निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करना संबंधित एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए निर्माण सामग्री की उपलब्धता से लेकर मशीनरी और तकनीकी टीम की तैनाती तक पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सेतु की मरम्मत पूरी होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विक्रमशिला सेतु इस क्षेत्र में यातायात का महत्वपूर्ण मार्ग है और इसके प्रभावित होने का सीधा असर आसपास के लोगों और कारोबार पर पड़ता है।
29 अगस्त से बंद होगा सेतु, वैकल्पिक व्यवस्था चुनौती
29 अगस्त से बेली ब्रिज हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सेतु पर यातायात प्रभावित होगा। इस दौरान भागलपुर-नवगछिया के बीच वाहनों और आम लोगों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना जिला प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी। खासकर भारी वाहनों और रोजाना सेतु से गुजरने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन को ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए रूट डायवर्जन और अन्य व्यवस्थाओं पर काम करना होगा। फिलहाल प्रशासन और निर्माण एजेंसी की नजर 29 अगस्त से शुरू होने वाले काम पर है। बीआरओ की टीम के पहुंचने और बेली ब्रिज हटाने के बाद सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन की दिशा में अगला चरण शुरू हो जाएगा। अगर सब कुछ निर्धारित योजना के मुताबिक चलता है तो 30 नवंबर तक विक्रमशिला सेतु को स्थायी रूप से दुरुस्त कर आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य है। इससे भागलपुर, नवगछिया और आसपास के इलाकों के लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।