पटना: बिहार में गंगा का रौद्र रूप, पटना में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा पानी; कई जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा

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BNT Desk: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। राजधानी पटना में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर का असर दियारा और निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर पानी फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है और आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। पटना के अलावा बक्सर, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और मोकामा-बाढ़ इलाके में भी स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में हैं। तटवर्ती और दियारा इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

 

पटना में खतरे के निशान से ऊपर गंगा

पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 22 अगस्त को गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.35 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। यानी नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। पटना के हाथीदह में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 41.76 मीटर है, जबकि शनिवार को जलस्तर 42.19 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के बढ़ते पानी का असर नदी किनारे बसे इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। जेपी गंगा पथ के किनारे भी पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे नदी किनारे कारोबार करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

 

दियारा इलाकों में घुसा पानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण पटना के दियारा और निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। कई स्थानों पर रास्तों पर पानी आने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक तैयारियों की भी निगरानी की जा रही है। वहीं, बढ़ते जलस्तर का असर निर्माण कार्यों पर भी पड़ा है। शेरपुर-दिघवारा पुल निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता अब प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखना है।

भागलपुर में भी तेजी से बढ़ रहा जलस्तर

पटना के साथ-साथ भागलपुर में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 22 अगस्त को भागलपुर स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 32.71 मीटर दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए भागलपुर के गंगा किनारे बसे इलाकों में भी प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को संभावित खतरे को लेकर सतर्क किया जा रहा है। गंगा के जलस्तर में आगे भी वृद्धि होती है तो निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

 

मुंगेर में भी बढ़ी चिंता

मुंगेर में भी गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। यहां नदी का जलस्तर करीब 37.91 से 37.82 मीटर के आसपास दर्ज किया गया है। फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने के कारण तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है। बरियारपुर में भी गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंचने की बात सामने आई है। संभावित बाढ़ को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित इलाकों में जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था की है।

 

बक्सर से लखीसराय तक प्रशासन अलर्ट

बक्सर में भी पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। बढ़ते पानी के कारण निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन की टीमें जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लखीसराय के माणपुर स्टेशन पर 21 अगस्त को गंगा का जलस्तर 38.17 मीटर दर्ज किया गया था। यहां खतरे का निशान 40.78 मीटर है। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन नदी में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।

 

नावों से आवागमन, लोगों को सावधानी की सलाह

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण कई दियारा और निचले इलाकों में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। जिन इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, वहां नावों के जरिए आवागमन की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने और बच्चों को पानी के आसपास नहीं जाने देने की अपील की है। ग्रामीणों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

 

प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर

बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों की ओर से जलस्तर, तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पटना से लेकर भागलपुर तक गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। खासकर दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन की कोशिश है कि जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में समय रहते प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

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