BNT Desk: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को पटना की सड़कों पर उतर गए। तेजस्वी यादव ने जेपी गोलंबर से राजभवन तक मार्च की अगुवाई की। उनके साथ RJD के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी की ओर से इस मार्च के जरिए सीवान की घटना, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। राजभवन मार्च को लेकर पहले ही पटना में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, आयकर गोलंबर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की कोशिश रही कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित रखा जाए और मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
जेपी गोलंबर पर जुटे हजारों कार्यकर्ता
तेजस्वी यादव के जेपी गोलंबर पहुंचते ही RJD कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तिरंगा, पार्टी के झंडे और सरकार विरोधी पोस्टर लेकर पहुंचे। कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार नारेबाजी की गई। तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं से मार्च में तिरंगा लेकर शामिल होने की अपील की थी। इसके बाद कई कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे। मार्च को लेकर जेपी गोलंबर से डाकबंगला और आगे के रास्ते पर भीड़ बढ़ती गई।
लकड़ी की AK-47 लेकर पहुंचे कार्यकर्ता
मार्च के दौरान एक तस्वीर ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। कुछ RJD कार्यकर्ता लकड़ी से बनी AK-47 लेकर प्रदर्शन में पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने इसे सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित AK-47 फायरिंग के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया। लकड़ी की AK-47 लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के जरिए RJD ने सीवान की घटना को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी लगातार इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रही है।
सीवान की घटना को लेकर सरकार पर हमला
राजभवन मार्च का मुख्य मुद्दा सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई AK-47 फायरिंग है। RJD का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस की ओर से जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया गया। पार्टी इस मामले में सिर्फ एक पुलिसकर्मी पर कार्रवाई को पर्याप्त नहीं मान रही है और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग कर रही है। तेजस्वी यादव पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने राजभवन मार्च का ऐलान किया था।
डाकबंगला चौराहे पर कड़ी सुरक्षा
मार्च को देखते हुए डाकबंगला चौराहे पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। यहां बीच सड़क बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया। जेपी गोलंबर से डाकबंगला तक पुलिस की भारी मौजूदगी रही। पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल की तैनाती की थी। अधिकारियों की कोशिश थी कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के सुरक्षा घेरे को पार कर आगे बढ़ने की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। प्रशासन पहले से ही इस संभावना को देखते हुए तैयार था और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। पुलिस की प्राथमिकता प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को बनाए रखना रही।
पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे भी उठाए
RJD ने इस मार्च को केवल सीवान की घटना तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी की ओर से पेपर लीक, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े दूसरे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने बिहार की परीक्षा व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।इससे पहले RJD की ओर से कहा गया था कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। मार्च को इसी राजनीतिक अभियान की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
पटना में गरमाई सियासत
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकला यह मार्च ऐसे समय हुआ है, जब बिहार में छात्र आंदोलनों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी माहौल पहले से गर्म है। 19 अगस्त को जेपी गोलंबर से मार्च शुरू करने की जानकारी RJD ने पहले ही दी थी।अब तेजस्वी यादव और RJD की नजर इस बात पर है कि राजभवन तक पहुंचकर सरकार के सामने कौन-कौन सी मांगें रखी जाती हैं। दूसरी ओर प्रशासन के सामने चुनौती है कि बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के बीच पटना की कानून-व्यवस्था और यातायात को सामान्य बनाए रखा जाए। फिलहाल तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकले इस मार्च ने राजधानी की सियासत को गरमा दिया है। तिरंगा, सरकार विरोधी नारे और लकड़ी की AK-47 के प्रतीकात्मक प्रदर्शन के बीच RJD ने सीवान फायरिंग मामले को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।