BNT Desk: 15 अगस्त के मौके पर पटना के गांधी मैदान में झंडोत्तोलन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास और जनसेवा को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी का पर्व मनाने का दिन नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में बिहार की बड़ी भूमिका तय करने का भी अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सेवा, संकल्प और समर्पण की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्हें बिहार की जनता की सेवा करने का मौका मिला, तब उन्होंने यह संकल्प लिया कि राज्य के हर नागरिक को समान अवसर मिले। प्रशासन में पारदर्शिता हो और लोगों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिले। इसी सोच के तहत सरकार की ओर से कई नई योजनाओं और पहलों पर काम किया जा रहा है।
स्कूल-कॉलेजों में तैनात होंगी ‘पुलिस दीदी’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की करीब 85 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। इसलिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनका समाधान करने पर जोर दे रही है। महिलाओं की सुरक्षा और भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में देश का सबसे बड़ा महिला पुलिस बल है। अब स्कूल और कॉलेजों में ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती की जाएगी। इसकी शुरुआत रक्षाबंधन से होगी। पुलिस दीदी छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूटी के साथ तैनात रहेंगी। इस पहल का उद्देश्य स्कूल-कॉलेज आने वाली छात्राओं और छात्रों को सुरक्षित माहौल देना और जरूरत पड़ने पर उन्हें पुलिस की मदद उपलब्ध कराना है।
‘सहयोग शिविर’ से जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद
मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग शिविर’ को सरकार और आम जनता के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किया जाता है। इसमें लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रख सकते हैं। सरकार ने शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की है। अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। अगर 10 दिनों के भीतर कोई आदेश नहीं होता है तो पहला स्पष्टीकरण जारी किया जाता है। 20 दिन तक कार्रवाई नहीं होने पर दूसरा स्पष्टीकरण और 25 दिन तक समाधान नहीं होने पर तीसरा नोटिस दिया जाता है। इसके बाद भी अगर तय समय में शिकायत का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मकसद प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाना है।
6.46 लाख से अधिक आवेदन, 95 फीसदी का निपटारा
मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर की प्रगति का आंकड़ा भी बताया। उनके अनुसार अब तक करीब 6 लाख 46 हजार 181 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें करीब 95 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। अब तक करीब 17,773 अधिकारियों-कर्मचारियों को पहला नोटिस, 860 को दूसरा नोटिस और 25 दिन बाद जारी होने वाले 48 तीसरे नोटिस दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ लोगों की शिकायतें सुनना नहीं है, बल्कि उनका तय समय के भीतर समाधान करना भी है।
शिकायत से संतुष्ट नहीं तो मुख्यमंत्री सचिवालय में होगी सुनवाई
अगर किसी नागरिक को लगता है कि उसकी शिकायत का सही तरीके से समाधान नहीं हुआ है, तो उसके लिए मुख्यमंत्री सचिवालय में भी सुनवाई की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हर महीने के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में सहयोग कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। यहां ऐसे मामलों की समीक्षा की जाती है और संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। इस व्यवस्था के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि आम लोगों की शिकायतें अंतिम स्तर तक सुनी जाएं और उनका समाधान हो।
हर महीने होगा ‘पंचायत विकास दिवस’
ग्रामीण विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब हर महीने के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस आयोजित किया जाएगा। पहले 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर जैसे विशेष अवसरों पर पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याएं सुनी जाती थीं। अब इस व्यवस्था को हर महीने लागू किया जाएगा।पंचायत विकास दिवस के दौरान ग्रामीण अपनी समस्याएं और विकास से जुड़ी जरूरतें सामने रख सकेंगे। इन समस्याओं की जानकारी स्वराज पोर्टल के माध्यम से जिला स्तर तक भेजी जाएगी। राज्य स्तर पर भी इसकी निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गांव की समस्या गांव में ही सुनी जाए और उसे समाधान के लिए आगे बढ़ाया जाए। जरूरत पड़ने पर पंचायतों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री तक भी पहुंचाई जा सकेगी।
बिहार लौटने की CM की अपील
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार से बाहर रहने वाले लोगों से भी राज्य लौटकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को अपनी जन्मभूमि को ही कर्मभूमि बनाने की दिशा में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार और उद्योग के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 10 चीनी मिलें चालू हो चुकी हैं और अगले छह महीने में पांच और चीनी मिलें शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को विकसित और जवाबदेह राज्य बनाना है। इसके लिए सेवा, पारदर्शिता, जवाबदेही और गांवों का विकास सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं।