बिहार: सफर करना होगा महंगा; अब स्टेट हाईवे पर भी लगेगा टोल टैक्स, कार से लेकर ट्रक तक सभी वाहनों से होगी वसूली

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार में वाहन चालकों के लिए जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर टोल टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब राज्य सरकार स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और बाईपास पर भी टोल टैक्स लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए टोल की दरें तय कर ली गई हैं। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभाग व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुट गया है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद कार, जीप, बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों को तय दरों के अनुसार टोल टैक्स देना होगा। हालांकि, अभी टोल वसूली शुरू होने की तारीख घोषित नहीं की गई है।

 

स्टेट हाईवे पर बनेंगे टोल प्लाजा

राज्य सरकार ने उन स्टेट हाईवे और प्रमुख सड़कों की पहचान शुरू कर दी है, जहां चौड़ीकरण, बेहतर निर्माण और रखरखाव का कार्य किया गया है। इन मार्गों पर टोल प्लाजा स्थापित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि टोल से मिलने वाले राजस्व का उपयोग सड़कों के रखरखाव, मरम्मत और नई सुविधाएं विकसित करने में किया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर सड़क और सुरक्षित सफर मिल सके।

 

प्रति किलोमीटर के हिसाब से देना होगा टोल

नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर टोल टैक्स तय किया गया है।

  • कार और जीप: ₹1.25 प्रति किलोमीटर
  • छोटे व्यावसायिक वाहन: ₹2.00 प्रति किलोमीटर
  • दो एक्सल वाले बस और ट्रक: ₹4.25 प्रति किलोमीटर
  • पोकलेन, डंपर और अन्य बड़े वाहन: ₹6.65 प्रति किलोमीटर
  • 7 या उससे अधिक एक्सल वाले भारी वाहन: ₹8.10 प्रति किलोमीटर

 

100 किलोमीटर की यात्रा पर कितना देना होगा टोल?

नई दरों के अनुसार यदि कोई कार चालक स्टेट हाईवे पर 100 किलोमीटर की यात्रा करता है, तो उसे 125 रुपये टोल टैक्स देना होगा।  वहीं बस, ट्रक और भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए यह राशि उनकी श्रेणी के अनुसार अधिक होगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़कों के रखरखाव के लिए स्थायी वित्तीय व्यवस्था तैयार होगी।

 

ओवरलोड वाहनों पर होगी अतिरिक्त वसूली

नई व्यवस्था में ओवरलोड वाहनों पर भी सख्ती की जाएगी। यदि कोई वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक सामान लेकर चलता है, तो उससे सामान्य टोल के अलावा अतिरिक्त शुल्क भी लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे ओवरलोडिंग पर रोक लगेगी, सड़कें कम क्षतिग्रस्त होंगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

 

वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर पड़ेगा असर

नई टोल व्यवस्था लागू होने के बाद निजी वाहन चालकों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की लागत भी बढ़ सकती है। खासकर माल ढुलाई करने वाले ट्रक और व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर अतिरिक्त खर्च आएगा, जिसका असर परिवहन लागत और वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि बेहतर सड़क, नियमित रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं के लिए यह व्यवस्था जरूरी है।

 

कब से शुरू होगी टोल वसूली?

फिलहाल सरकार ने टोल टैक्स की दरें तय कर दी हैं, लेकिन इसे लागू करने की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। संबंधित विभाग टोल प्लाजा, वसूली व्यवस्था और अन्य तकनीकी तैयारियों में जुटा हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार इस नई व्यवस्था को कब लागू करती है और बिहार के किन-किन स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और बाईपास को सबसे पहले टोल टैक्स के दायरे में लाया जाएगा।

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