बिहार विधान परिषद: 10 नए सदस्यों ने ली शपथ, पवन सिंह और निशांत कुमार ने की भविष्य की प्राथमिकताओं की घोषणा

BiharNewsAuthor
3 Min Read

BNT Desk:आज 1 जुलाई 2026 को पटना स्थित विधान परिषद एनेक्सी के मुख्य सभागार में एक गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार विधान परिषद के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए 10 नए सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सभी सदस्यों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य के कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची

शपथ लेने वाले सदस्यों में एनडीए और महागठबंधन दोनों गठबंधनों के नेता शामिल हैं:

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): पवन सिंह, संजय प्रकाश मयूख, अनिल ठाकुर, और शीला पंडित।

  • जनता दल (यूनाइटेड) (JDU): निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति, और ललन प्रसाद।

  • लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास): अशरफ अंसारी।

  • राष्ट्रीय जनता दल (RJD): डॉ. सुनील कुमार सिंह।

 

पवन सिंह की प्राथमिकता

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने पहली बार सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद अपने इरादे साफ किए। उन्होंने कहा, “मैं एक कलाकार हूं और एक कलाकार के नाते मेरी कोशिश होगी कि मैं बिहार में रहकर ही अपनी कला को आगे बढ़ाऊं।” पवन सिंह ने बिहार में फिल्म सिटी बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा गायक और कलाकारों को सही मंच नहीं मिल पा रहा है, इसलिए बिहार में फिल्म सिटी का निर्माण बहुत जरूरी है ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को काम मिल सके। उन्होंने पूरे जोश के साथ ‘जय भोजपुरी, जय बिहार’ का उद्घोष किया।

निशांत कुमार का संकल्प

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और नवनिर्वाचित एमएलसी निशांत कुमार ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन पर जो विश्वास जताया गया है, वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह गर्व की बात है कि जिस सदन में मेरे पिता जी (नीतीश कुमार) बैठते थे, अब मैं भी वहीं बैठूंगा।”

निशांत कुमार ने आगे कहा कि उनके पिता ने 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो काम किया है, उसे वे जन-जन तक पहुँचाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री के ‘सात निश्चय’ के अधूरे सपनों को पूरा करने और राज्य के चहुंमुखी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

यह शपथ ग्रहण समारोह बिहार की राजनीति के लिए एक नए अध्याय की तरह है, जहाँ एक ओर कला जगत के दिग्गज पहली बार नीति-निर्धारक की भूमिका में आए हैं, वहीं दूसरी ओर युवा नेतृत्व राज्य के विकास के पुराने संकल्पों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में है।

Share This Article