बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का ‘मिशन हेल्थ’: सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी से होगी निगरानी, हाईवे पर तैनात होंगी 100 एम्बुलेंस

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BNT Desk:  बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए एक बड़ा ‘एक्शन प्लान’ तैयार किया है। पदभार संभालने के बाद से ही अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और दवाओं की कमी जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने कई महत्वपूर्ण और कड़े फैसले लिए हैं।

अस्पतालों में अब सीसीटीवी से होगी निगरानी

स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की है कि बिहार के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा, “मैं केवल फाइलें ही नहीं देखूंगा, बल्कि अब मैं खुद औचक निरीक्षण पर जाऊंगा और कंट्रोल रूम के जरिए राज्य के अस्पतालों की लाइव मॉनिटरिंग भी करूंगा।” उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निरीक्षण के दौरान कोई भी अनियमितता पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टरों की समयबद्धता और उपलब्धता पर जोर

मंत्री ने स्वीकार किया कि कार्यभार संभालने के बाद उन्हें सबसे अधिक शिकायतें डॉक्टरों के ड्यूटी पर मौजूद न रहने  की मिली हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सभी डॉक्टर समय पर अस्पताल पहुंचें और मरीजों की सेवा करें।

504 दवाओं की उपलब्धता और रैंडम टेस्टिंग

दवाओं की उपलब्धता को लेकर मंत्री ने एक महत्वाकांक्षी योजना साझा की है:

  • दवाओं की सूची: सरकार ने 504 प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 350 दवाएं वर्तमान में मुहैया कराई जा रही हैं।

  • क्वालिटी चेक: मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सरकारी अस्पतालों और दवा दुकानों से दवाओं के सैंपल लेकर समय-समय पर उनकी रैंडम टेस्टिंग कराते रहें।

  • तत्काल सूचना: यदि किसी अस्पताल में दवाओं का स्टॉक खत्म होता है या कोई मशीन खराब होती है, तो संबंधित अस्पताल प्रशासन को तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। इससे समस्याओं के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी।

 

हाईवे पर 100 एम्बुलेंस का जाल

बिहार में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ में घायलों को बेहतर उपचार मिल सके, इसके लिए जल्द ही राज्य के नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) पर 100 नई एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री के इन फैसलों को बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था में ‘सुधार की संजीवनी’ के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना यह है कि जमीनी स्तर पर इन घोषणाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है।

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