मोतिहारी: प्रशासनिक फेरबदल की अजीब कहानी; पिपराकोठी के सीओ का सिर्फ 7 किलोमीटर दूर तबादला

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक अजीबोगरीब तबादले की चर्चा जोरों पर है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा हाल ही में जारी किए गए आदेश के तहत पिपराकोठी के अंचलाधिकारी (CO) सुनील कुमार को स्थानांतरित कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें वहां से महज 7 किलोमीटर दूर सदर मोतिहारी अंचल में भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

इस तबादले ने प्रशासनिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सुनील कुमार पहले से ही अतिरिक्त प्रभार के तौर पर सदर अंचल का काम देख रहे थे। अब विभाग ने उन्हें उसी अंचल में ‘नियमित सीओ’ के पद पर तैनात कर दिया है।

प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि स्थानांतरण आमतौर पर दूरस्थ स्थानों पर किया जाता है ताकि कार्यशैली में बदलाव आए या प्रशासन का दायरा बढ़े। लेकिन, एक ही अंचल में अतिरिक्त प्रभार से नियमित पद पर नियुक्ति को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी आश्चर्य जताया जा रहा है।

क्यों हो रही है चर्चा?

इस निर्णय के बाद से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं:

  • अवसर की कमी: स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सदर अंचल में नियमित सीओ की नियुक्ति की जानी थी, तो किसी दूसरे जिले या अंचल के अधिकारी को मौका दिया जा सकता था, जिससे प्रशासनिक कसावट आती।

  • ‘अनोखा’ तबादला: महज 7 किलोमीटर की दूरी पर हुए इस तबादले को लोग स्थानांतरण कम और केवल पद का नाम बदलना अधिक मान रहे हैं।

  • पारदर्शिता पर सवाल: यह फैसला सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में बना हुआ है कि आखिर किस आधार पर इस तबादले को अंजाम दिया गया।

 

विभाग की चुप्पी

इस पूरे प्रकरण पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों के बीच भी इस पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। हालांकि, जिले के प्रशासनिक कामकाज को लेकर उठ रहे इन सवालों के बीच विभाग की चुप्पी ने चर्चाओं को और हवा दे दी है।

फिलहाल, मोतिहारी का यह प्रशासनिक फेरबदल जिले के सबसे चर्चित विषयों में से एक बन गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या विभाग इस निर्णय के पीछे के तर्कों को स्पष्ट करता है या फिर यह चर्चाएं इसी तरह बरकरार रहती हैं।

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