देशभर में लगातार सामने आ रही परीक्षा धांधली और पेपर लीक की घटनाओं के बीच अब परीक्षार्थियों के भरोसे पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या परीक्षा व्यवस्था से डरकर अभ्यर्थी अब परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से बच रहे हैं? बिहार पुलिस की एक परीक्षा में सामने आए आंकड़ों ने आयोग और प्रशासन को भी हैरान कर दिया है।
बिहार पुलिस विशेष शाखा में सिपाही बहाली के लिए बुधवार को आयोजित लिखित परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न हुई, लेकिन कई जिलों में परीक्षा केंद्र लगभग खाली नजर आए।
हालात यह रहे कि कई जगहों पर 10 में से सिर्फ 2 से 3 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। कोसी, सीमांचल और पूर्व बिहार के जिलों में अनुपस्थिति का आंकड़ा 70 से 79 प्रतिशत तक पहुंच गया।
सबसे ज्यादा असर अररिया, किशनगंज और मधेपुरा जैसे जिलों में देखने को मिला।
अररिया में करीब 78.72 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
किशनगंज में 78.69 प्रतिशत और मधेपुरा में 77.77 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
पूर्णिया में भी करीब 77 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं सुपौल, मुंगेर, कटिहार और भागलपुर में भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी केंद्रों से दूर रहे।
आंकड़ों के मुताबिक कटिहार के 20 परीक्षा केंद्रों पर 14922 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन सिर्फ 4047 अभ्यर्थी ही पहुंचे। वहीं पूर्णिया में 11190 में से केवल 2604 और भागलपुर में 9348 में से 2748 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
जिलावार अनुपस्थिति का आंकड़ा
अररिया – 78.72%
किशनगंज – 78.69%
मधेपुरा – 77.77%
पूर्णिया – 77.62%
सुपौल – 75.45%
मुंगेर – 73.02%
कटिहार – 72.89%
भागलपुर – 70.60%
लखीसराय – 69.02%
बांका – 62.80%
प्रसासन की मुस्तैदी
प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह रोक थी। सीसीटीवी कैमरे, जैमर और दंडाधिकारी की निगरानी में परीक्षा कराई गई।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा से दूर क्यों रहे?
क्या लगातार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की खबरों ने युवाओं का भरोसा कमजोर कर दिया है? या फिर इसके पीछे कोई और वजह है?
फिलहाल प्रशासन के लिए भी यह आंकड़ा चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि भर्ती परीक्षा में इतनी बड़ी अनुपस्थिति ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।