BNT Desk: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET UG 2026’ के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सीबीआई ने इस पूरे घोटाले के मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद इस रैकेट से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस कार्रवाई से पेपर लीक माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों बेनकाब हो सकते हैं।
खुद तैयार किया था पेपर, लाखों में हुआ सौदा
जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के मुताबिक, मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी पर आरोप है कि उसने परीक्षा की गोपनीयता को पूरी तरह भंग करते हुए खुद पेपर लीक सेट तैयार किया था। इसके बाद उसने मेडिकल सीटों के चाहवान छात्रों और उनके अभिभावकों से संपर्क साधा। प्रत्येक छात्र से लाखों रुपये की मोटी रकम वसूल कर परीक्षा से ठीक पहले उन्हें असली सवाल और उनके सटीक जवाब मुहैया कराए गए थे। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन की बात भी सामने आ रही है।
लेडी पार्टनर मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर बनाया ‘सीक्रेट ग्रुप’
सीबीआई की जांच में यह बात भी साफ हुई है कि कुलकर्णी इस काले धंधे को अकेले अंजाम नहीं दे रहा था। इस पूरे खेल में उसकी करीबी सहयोगी मनीषा वाघमारे भी बराबर की साझेदार थी। दोनों ने मिलकर उन छात्रों का एक ‘खास और गुप्त ग्रुप’ (Secret Group) तैयार किया था, जिन्होंने पेपर खरीदने के लिए मोटी रकम एडवांस में दी थी। इस ग्रुप के छात्रों को एक सुरक्षित और गुप्त ठिकाने पर ले जाकर लीक हुए प्रश्न-पत्र रटवाए गए थे, ताकि परीक्षा केंद्र में वे आसानी से पूरा पेपर हल कर सकें।
सीबीआई खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अब उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे और इस रैकेट से जुड़े अन्य दलालों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच टीम कुलकर्णी के बैंक खातों, मोबाइल चैट, लैपटॉप और डिजिटल दस्तावेजों को गहराई से खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट के तार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) या किसी परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से तो नहीं जुड़े हैं। सीबीआई का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, जिससे इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।