BNT Desk: बिहार के नवादा जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ एक्शन लेने गई पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम पर बालू माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। माफियाओं ने दुस्साहस दिखाते हुए टीम पर सीधे फायरिंग कर दी। यह सनसनीखेज वारदात हिसुआ और गया जिले की सीमा पर स्थित लटावर गांव के पास, ढाढर नदी में हुई। गोलीबारी की इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि हमले में टीम का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ, लेकिन माफिया पुलिस की गिरफ्त से ट्रैक्टर छुड़ाकर भागने में कामयाब रहे।
ग्रामीणों की शिकायत पर हुई थी छापेमारी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लटावर गांव के ग्रामीणों ने ढाढर नदी में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन की शिकायत प्रशासन से की थी। इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए खनिज विकास पदाधिकारी (Mining Officer) और हिसुआ थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस और खनन विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम जैसे ही ढाढर नदी के घाट पर छापेमारी करने पहुंची, वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। नदी के बीचो-बीच तीन ट्रैक्टरों पर अवैध रूप से बालू लादा जा रहा था।
एक ट्रैक्टर फंसा, चालक को पुलिस ने दबोचा
पुलिस और खनन विभाग की गाड़ियों को देखते ही बालू माफियाओं और चालकों में भगदड़ मच गई। चालक तेजी से ट्रैक्टरों को भगाने लगे। इस दौरान दो ट्रैक्टर बालू समेत भागने में सफल रहे, लेकिन तीसरा ट्रैक्टर अत्यधिक बालू लोड होने के कारण नदी की रेत में ही फंस गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से ट्रैक्टर चालक को दबोच लिया। पकड़े गए चालक की पहचान गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के बैकटपुर गांव निवासी हर्षित राज उर्फ मदन गोपाल के रूप में हुई।
भाई ने की फायरिंग, पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा
पुलिस अभी पकड़े गए चालक से पूछताछ कर ही रही थी कि तभी उसका भाई राजगोपाल हाथ में पिस्टल लहराते हुए मौके पर पहुंच गया। पुलिस टीम को डराने के लिए उसने सीधे एक राउंड फायरिंग कर दी। आरोपी ने चिल्लाते हुए पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी। उस समय मौके पर टीम के पास सुरक्षा बल (पुलिस बल) की संख्या कम थी, जिसके कारण रणनीतिक रूप से टीम को थोड़ा पीछे हटना पड़ा। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर पकड़ा गया चालक हर्षित राज अपने भाई राजगोपाल के साथ फंसा हुआ ट्रैक्टर निकाल कर मौके से फरार हो गया।
दोबारा छापेमारी में दो ट्रैक्टर जब्त
सरकारी टीम पर हमले और आरोपी के फरार होने की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई। इसके बाद हिसुआ पुलिस और गया के अतरी थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से दरियापुर गांव में भारी दलबल के साथ दोबारा छापेमारी की। इस जवाबी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध खनन में शामिल दो ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया, हालांकि आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
बालू माफियाओं के बढ़ते मनोबल से उठे सवाल
नवादा के हिसुआ और उसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों में अवैध बालू खनन एक गंभीर और पुरानी समस्या बन चुका है। नदी का सीना चीरकर रोजाना सैकड़ों गाड़ियां अवैध बालू निकाल रही हैं। अधिकारियों पर हुए इस ताजा हमले के बाद अब खनन विभाग की सुस्त कार्यशैली और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। फिलहाल पुलिस फरार भाइयों (हर्षित और राजगोपाल) की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।