BNT Desk: गोपालगंज से जुड़े चर्चित जमीन फर्जीवाड़ा मामले में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को बरकरार रखा है। इस फैसले के बाद विधायक खेमे में राहत का माहौल देखा जा रहा है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 19 मई को होगी। अदालत के इस फैसले के बाद पूरे जिले में इस केस को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर काफी दिलचस्पी बनी हुई है।
कोर्ट में कई घंटे चली सुनवाई
गुरुवार को गोपालगंज कोर्ट में इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कई घंटे तक दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस चली। विधायक पप्पू पांडेय की ओर से अदालत में गिरफ्तारी पर रोक जारी रखने की मांग की गई।
इसी मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों मामलों को सुनने के बाद अगली तारीख 19 मई तय कर दी।
कोर्ट परिसर में सुनवाई के दौरान काफी हलचल देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी, क्योंकि यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि यहां करीब 16 एकड़ जमीन को लेकर फर्जीवाड़ा किया गया। शिकायत में कहा गया है कि जमीन के दस्तावेजों में कथित तौर पर हेरफेर कर अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई।
इस केस में जदयू विधायक पप्पू पांडेय के अलावा सतीश पांडेय, राहुल तिवारी समेत कुल सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई और फिर यह मामला अदालत तक पहुंच गया।
हालांकि आरोपी पक्ष इन सभी आरोपों को गलत बता रहा है। विधायक समर्थकों का कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश के तहत खड़ा किया गया है।
राजनीति भी हुई गर्म
जमीन फर्जीवाड़ा मामला सामने आने के बाद गोपालगंज की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष लगातार जदयू विधायक पर हमला बोल रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हो रही है।
वहीं जदयू और विधायक समर्थकों का दावा है कि विपक्ष राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। समर्थकों का कहना है कि अदालत में सच सामने आ जाएगा।
इस पूरे विवाद ने जिले की राजनीति को और गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक रूप से और बड़ा मुद्दा बन सकता है।
कोर्ट परिसर में जुटी समर्थकों की भीड़
सुनवाई के दौरान गोपालगंज कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। विधायक समर्थक लगातार उनके समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए। वहीं विपक्षी दलों के कुछ कार्यकर्ता भी कोर्ट परिसर के आसपास मौजूद रहे।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी गई थी ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि अदालत क्या फैसला सुनाती है। फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक जारी रहने से विधायक समर्थकों ने राहत की सांस ली है।
19 मई की सुनवाई पर टिकी नजरें
अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी। माना जा रहा है कि उस दिन अदालत इस केस में कोई अहम फैसला ले सकती है। इसलिए राजनीतिक दलों, प्रशासन और आम लोगों की नजरें अब अगली तारीख पर टिक गई हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि अगली सुनवाई में अदालत केस से जुड़े दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार कर सकती है। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
विधायक खेमे में राहत का माहौल
अदालत से फिलहाल राहत मिलने के बाद विधायक पप्पू पांडेय के समर्थकों में खुशी का माहौल है। उनके करीबी लोगों का कहना है कि सच जल्द सामने आएगा और विधायक को पूरी तरह न्याय मिलेगा।
दूसरी ओर विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार और जदयू पर दबाव बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें 19 मई की सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां इस हाई-प्रोफाइल जमीन फर्जीवाड़ा मामले में बड़ा मोड़ आ सकता है।