BNT Desk: पटना के पीरबहोर थाना अंतर्गत लालबाग इलाके में शनिवार को हुई दिल दहला देने वाली घटना ने अब एक नया और आक्रोशित करने वाला मोड़ ले लिया है. शुरुआत में इसे केवल एक जानलेवा हमला माना जा रहा था, लेकिन पुलिसिया जांच और सूत्रों से मिली जानकारी ने इस हत्याकांड के पीछे की घिनौनी सच्चाई को उजागर कर दिया है. यह हमला किसी संपत्ति विवाद या पुरानी रंजिश का नतीजा नहीं, बल्कि एक परिवार द्वारा अपनी बेटी (भतीजी) की गरिमा की रक्षा करने का परिणाम था.
छेड़खानी का विरोध बना काल
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक नवाज आलम की भतीजी के साथ आरोपी युवक काफी लंबे समय से छेड़खानी कर रहा था. आरोपी युवक लड़की को लगातार परेशान करता था, जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव में था. घर के मुखिया और चाचा होने के नाते नवाज आलम ने इस बदतमीजी का कड़ा विरोध किया और युवक को चेतावनी दी थी.
इसी विरोध से तिलमिलाया सनकी युवक बदले की आग में जलने लगा. उसने नवाज आलम को सबक सिखाने की ठान ली और शनिवार को मौका पाकर उनके घर में घुस गया.
घर में घुसकर खूनी खेल
आरोपी युवक सलीम नामक व्यक्ति के मकान के तीसरे फ्लोर पर पहुंचा, जहां नवाज आलम अपनी पत्नी के साथ रहते थे. अचानक हुए इस हमले में आरोपी ने धारदार चाकू से नवाज आलम पर ताबड़तोड़ वार किए. जब उनकी पत्नी उन्हें बचाने आईं, तो उस सनकी ने उन पर भी रहम नहीं किया और उन्हें भी लहूलुहान कर दिया.
वारदात का मंजर: चीख-पुकार सुनकर जब तक पड़ोसी मदद के लिए दौड़े, हमलावर वहां से फरार हो चुका था और नवाज आलम खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे.
अस्पताल में टूटी सांसें, पत्नी की हालत नाजुक
घटना के तुरंत बाद दोनों को पीएमसीएच (PMCH) ले जाया गया. डॉक्टरों ने नवाज आलम को बचाने की कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वहीं, उनकी पत्नी की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है और वे अस्पताल के बिस्तर पर जीवन और मौत के बीच झूल रही हैं.
आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी की कवायद तेज
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक की पहचान कर ली है. घटना के पीछे की असली वजह यानी “भतीजी से छेड़खानी” की बात सामने आने के बाद इलाके में भारी तनाव है. पुलिस का कहना है कि आरोपी की लोकेशन ट्रैक की जा रही है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है.
सुरक्षा व्यवस्था और समाज पर सवाल
लालबाग जैसे घने इलाके में घर के भीतर घुसकर हत्या करना अपराधियों के बढ़ते मनोबल को दर्शाता है. स्थानीय लोग अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि छेड़खानी जैसी घटनाओं पर पुलिस पहले सख्त होती, तो आज नवाज आलम की जान नहीं जाती.
न्याय की मांग
नवाज आलम की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। अब पूरे इलाके की एक ही मांग है कि इस सनकी हत्यारे को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही इस जघन्य अपराध की पूरी कड़ियां जनता के सामने होंगी और दोषी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.