BNT Desk: बिहार में कानून-व्यवस्था और अपराधियों के हौसले को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में आपराधिक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला भागलपुर जिले के नवगछिया से सामने आया है, जहां अपराधियों ने दिनदहाड़े एक 22 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल व्याप्त है।
दिनदहाड़े सड़क पर कत्लेआम
यह दुस्साहसिक वारदात नवगछिया के परवत्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत जगतपुर और गरैया गांव के बीच ’14 नंबर सड़क’ पर हुई। मृतक की पहचान पूर्णिया जिले के बिरौली गांव निवासी सौरभ कुमार (22 वर्ष) के रूप में हुई है। सौरभ एक प्रतिष्ठित कपड़ा व्यवसायी का पुत्र था।
जानकारी के अनुसार, सौरभ शनिवार को अपने दो दोस्तों के साथ हुंडई कार में सवार होकर पूर्णिया से भागलपुर की ओर जा रहा था। जैसे ही उनकी कार जगतपुर के पास पहुंची, पीछे से आ रहे एक पल्सर बाइक सवार दो नकाबपोश अपराधियों ने कार को ओवरटेक कर जबरन रुकवा लिया।
सीने में उतारी गोली, मौके पर मची चीख-पुकार
कार रुकते ही सौरभ गाड़ी से नीचे उतरा और अपराधियों से उलझ गया। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, सौरभ और बदमाशों के बीच कुछ देर तक कहासुनी हुई। इसी बीच, अपराधियों ने बिना किसी खौफ के अपनी पिस्तौल निकाली और सौरभ के सीने में गोली दाग दी। गोली लगते ही सौरभ लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। आनन-फानन में सौरभ के दोस्त उसे लेकर भागलपुर के मायागंज अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है।
दोस्तों पर गहराया शक, पुलिस ने किया हिरासत में
इस हत्याकांड में एक नया मोड़ तब आया जब मृतक के परिजनों ने सौरभ के साथ कार में मौजूद उसके दोनों दोस्तों पर ही संदेह जताया। परिजनों का कहना है कि जिस तरह से अपराधियों ने सिर्फ सौरभ को निशाना बनाया, वह किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए परवत्ता थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है:
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हिरासत में दोस्त: पुलिस ने सौरभ के साथ मौजूद दोनों दोस्तों को हिरासत में ले लिया है।
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पूछताछ जारी: पुलिस उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि पल्सर सवार अपराधी कौन थे और कार रुकने के बाद असल में क्या बात हुई थी।
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मोबाइल कॉल डिटेल्स: पुलिस मृतक और उसके दोस्तों के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) भी खंगाल रही है।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। नवगछिया पुलिस का कहना है कि यह मामला आपसी रंजिश का हो सकता है या फिर किसी पुरानी दुश्मनी के चलते सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है।
पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु:
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सुनियोजित साजिश: क्या अपराधियों को पहले से पता था कि सौरभ इसी रास्ते से गुजरने वाला है?
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रंजिश की तलाश: क्या व्यवसायी परिवार की किसी से पुरानी रंजिश थी?
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लूट या हत्या: चूंकि अपराधियों ने किसी तरह की लूटपाट नहीं की, इसलिए पुलिस इसे सीधे तौर पर ‘टारगेट किलिंग’ मानकर चल रही है।
बिहार में बढ़ता अपराध बना चुनौती
भागलपुर की यह घटना बिहार में बेलगाम होते अपराधियों की एक बानगी भर है। दिनदहाड़े मुख्य सड़क पर कार रुकवाकर हत्या कर देना पुलिस के गश्ती दावों की पोल खोलता है। स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि अपराधियों में कानून का थोड़ा भी डर होता, तो वे इस तरह भीड़भाड़ वाले इलाके में वारदात को अंजाम नहीं देते।
निष्कर्ष: सौरभ की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है। अब देखना यह है कि भागलपुर पुलिस कब तक असली कातिलों को सलाखों के पीछे भेज पाती है और क्या इस हत्याकांड के पीछे छिपी असली वजह सामने आ पाएगी।