मुजफ्फरपुर: केस वापस नहीं लेने पर सरेराह महिला को मारी गोली, टोटो रोककर अपराधियों ने बरसाईं गोलियां

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BNT Desk: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कानून का खौफ बदमाशों के मन से इस कदर खत्म हो चुका है कि वे अब दिनदहाड़े और सरेआम हत्या की कोशिश जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला अहियापुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक महिला को सिर्फ इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उसने आरोपी के खिलाफ दर्ज कराया गया केस वापस लेने से मना कर दिया था।

दिनदहाड़े हमला: टोटो रोककर बरसाईं गोलियां

घटना गुरुवार की है। 26 वर्षीय मदीना खातून अपनी भाभी जोया खातून के साथ ई-रिक्शा (टोटो) पर सवार होकर मेडिकल ओवरब्रिज से बखरी की ओर जा रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार बेखौफ अपराधियों ने बीच रास्ते में उनका टोटो रुकवा लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक अपराधी टोटो के अंदर घुसा और मदीना को सीधे तौर पर धमकी दी। उसने चिल्लाते हुए कहा, “अगर केस वापस नहीं लिया गया तो जान से हाथ धोना पड़ेगा।” इससे पहले कि मदीना कुछ समझ पाती, अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

हालत नाजुक: फेफड़े और पेट में लगी गोली

अपराधियों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं। मदीना खातून को तीन गोलियां लगी हैं—एक उनके हाथ में, दूसरी पेट में और तीसरी फेफड़े को चीरते हुए निकल गई। फायरिंग के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।

लहुलुहान हालत में मदीना को तुरंत SKMCH (श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक खून बह जाने और महत्वपूर्ण अंगों (फेफड़े) में चोट लगने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

प्रेम प्रसंग और 12 लाख की धोखाधड़ी

पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस खौफनाक हमले की जड़ें एक पुराने प्रेम प्रसंग से जुड़ी नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि मदीना खातून का मोहम्मद शमशाद शेख नाम के युवक के साथ पिछले 5 साल से प्रेम संबंध था।

  • पैसे का लेनदेन: पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि इस दौरान शमशाद ने मदीना से अलग-अलग किश्तों में करीब 10 से 12 लाख रुपये लिए थे।

  • शादी से इनकार: जब मदीना ने शमशाद पर शादी करने का दबाव बनाया, तो वह अपनी बात से मुकर गया और सारे संबंध तोड़ लिए।

  • पुलिस केस: धोखे से आहत होकर मदीना ने कुछ समय पहले बोचहां थाने में आरोपी शमशाद के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

केस वापस लेने का दबाव और धमकी

परिजनों का कहना है कि जब से केस दर्ज हुआ था, तभी से शमशाद और उसके साथी मदीना पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। उसे बार-बार धमकियां दी जा रही थीं कि अगर वह पीछे नहीं हटी तो इसका अंजाम बुरा होगा। गुरुवार को हुई यह वारदात उसी धमकी का परिणाम है। अपराधियों ने सरेआम गोली मारकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे कानून को अपनी जेब में रखते हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलते ही अहियापुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया।

  1. CCTV फुटेज: पुलिस मेडिकल ओवरब्रिज और बखरी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रास्ते का पता चल सके।

  2. छापेमारी: मुख्य आरोपी मोहम्मद शमशाद शेख की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।

  3. सुरक्षा: अस्पताल में भर्ती पीड़िता की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

मुजफ्फरपुर में हुई यह वारदात पुलिस की गश्त और ‘स्मार्ट सिटी’ के दावों पर सवालिया निशान लगाती है। एक महिला जो न्याय के लिए कानून का सहारा ले रही थी, उसे सरेराह गोली मार दी गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। अब देखना यह है कि मुजफ्फरपुर पुलिस कब तक इन बेखौफ अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाती है।

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