नालंदा पहुंचे सांसद पप्पू यादव: दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को दी आर्थिक मदद, विवादित बयान पर मांगी सार्वजनिक माफी

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव गुरुवार को नालंदा जिले के कपटसरी गांव पहुंचे। यहाँ उन्होंने उस नाबालिग पीड़िता के परिवार से मुलाकात की, जिसने सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। पप्पू यादव ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का वादा किया।

पीड़ित परिवार से मुलाकात और आर्थिक सहायता

सांसद पप्पू यादव ने पीड़िता के माता-पिता से बात कर घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने परिवार की खराब आर्थिक स्थिति और न्याय के लिए उनके संघर्ष को देखते हुए मौके पर ही 25 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की।

सांसद ने कहा:

“यह केवल एक परिवार की बेटी नहीं थी, बल्कि पूरे समाज की बेटी थी। जिस तरह से एक पिता के सामने उसकी मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी हुई, वह रूह कंपा देने वाला है। इस परिवार को न्याय दिलाना अब मेरी प्राथमिकता है।”

क्या है मामला? 13 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

यह मामला नालंदा थाना क्षेत्र के कपटसरी गांव का है। करीब 13 दिन पहले एक नाबालिग लड़की के साथ उसके पिता के सामने ही पिस्तौल की नोक पर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। इस भयानक सदमे और अपमान को बच्ची बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना को लगभग दो हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपियों के रसूख के कारण कार्रवाई में ढील बरती जा रही है।

महिला आयोग और बयान पर मांगी माफी

हाल ही में महिला आरक्षण बिल और महिलाओं के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरे पप्पू यादव ने नालंदा में अपनी सफाई भी पेश की। बिहार राज्य महिला आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद सांसद ने नरम रुख अपनाते हुए माफी मांगी।

उन्होंने कहा:

  • गलत इरादों पर प्रहार: “मेरा बयान उन नेताओं और व्यक्तियों के खिलाफ था जो महिलाओं को गलत नजर से देखते हैं। सदन और मीडिया के कई स्टिंग ऑपरेशनों में ऐसे लोगों के चेहरे बेनकाब हुए हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।”

  • सार्वजनिक माफी: “अगर मेरे किसी शब्द से किसी भी मां-बहन या बेटी की भावनाओं को ठेस पहुँची है, तो मैं हाथ जोड़कर इसके लिए माफी मांगता हूँ। मेरा उद्देश्य महिलाओं का अपमान करना कभी नहीं रहा।”

सरकार को घेरा: “जरूरत पड़ी तो जाएंगे कोर्ट”

पप्पू यादव ने इस दौरान बिहार की नीतीश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं कि वे पुलिस के डर के बिना ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि:

  1. सदन में उठाएंगे मुद्दा: यदि अगले कुछ दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे इस मामले को संसद के पटल पर उठाएंगे।

  2. कानूनी लड़ाई: न्याय के लिए अगर जरूरत पड़ी तो वे पीड़ित परिवार की ओर से उच्च न्यायालय (High Court) का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

  3. आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और बेटियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

नालंदा की इस घटना ने एक बार फिर बिहार में महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। सांसद पप्पू यादव का दौरा और उनकी माफी एक तरफ उनकी राजनीतिक छवि को सुधारने का प्रयास मानी जा रही है, तो दूसरी तरफ पीड़ित परिवार के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। अब देखना यह होगा कि सांसद के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन कितनी तत्परता से दोषियों को सलाखों के पीछे भेजता है।

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