BNT Desk: बिहार की राजनीति के लिए 24 अप्रैल का दिन बेहद निर्णायक होने वाला है। इस दिन नई सरकार को सदन में अपना बहुमत (Floor Test) साबित करना है। इसी एकदिवसीय विशेष सत्र को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आज पटना के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
बैठक में सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और प्रोटोकॉल को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बहुमत साबित करने की चुनौती: 24 अप्रैल को ‘फ्लोर टेस्ट’
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा के पटल पर अपना विश्वासमत पेश करेगी। राज्यपाल के निर्देशानुसार बुलाए गए इस एक दिवसीय विशेष सत्र का मुख्य एजेंडा सरकार का बहुमत साबित करना है।
राजनीतिक गहमागहमी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि सदन की कार्यवाही पूरी तरह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होनी चाहिए।
सुरक्षा और यातायात पर पैनी नजर: DM और SSP को निर्देश
आज हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में पटना के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
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त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र: विधानसभा परिसर और उसके आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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ट्रैफिक डायवर्जन: सत्र के दौरान विधानसभा की ओर जाने वाली सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए यातायात में बदलाव किया जाएगा, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
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ड्रोन और सीसीटीवी: सुरक्षा की दृष्टि से पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जाएगी।
‘विधान प्रबोधिनी’ पुस्तक का विमोचन: विधायी ज्ञान पर जोर
तैयारियों का जायजा लेने के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्य भी किया। उन्होंने ‘विधान प्रबोधिनी’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।
यह पुस्तक मुख्य रूप से नवनिर्वाचित विधायकों और संसदीय प्रक्रिया को समझने के इच्छुक लोगों के लिए तैयार की गई है। अध्यक्ष ने कहा कि विधायी कार्यों की बारीकियों को समझना हर जनप्रतिनिधि के लिए आवश्यक है ताकि वे सदन में जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकें।
सत्र की रूपरेखा: एक ही दिन में होंगे कई महत्वपूर्ण कार्य
24 अप्रैल को होने वाला यह सत्र छोटा जरूर है, लेकिन इसका महत्व बहुत ज्यादा है। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद:
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राज्यपाल का संबोधन हो सकता है या सीधे विधायी कार्य शुरू किए जाएंगे।
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नए सदस्यों का स्वागत और पुराने सदस्यों को श्रद्धांजलि (यदि कोई हो) दी जाएगी।
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सबसे अंत में विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) लाया जाएगा, जिस पर वोटिंग के जरिए सरकार का भविष्य तय होगा।
अधिकारियों को सख्त हिदायत
अध्यक्ष प्रेम कुमार ने पटना डीएम और एसएसपी को हिदायत दी कि सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विपक्षी और सत्ता पक्ष के सभी विधायकों के लिए उचित सुरक्षा और सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित करें।