पटना में ‘ड्रग्स फैक्ट्री’ का पर्दाफाश: 25 करोड़ की स्मैक बरामद, तस्करी के खेल में शामिल निकला भगोड़ा सिपाही

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BNT Desk: पटना पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों— आलमगंज और रामकृष्ण नगर में छापेमारी कर भारी मात्रा में स्मैक जब्त की है।

अपार्टमेंट बना था नशे का ‘सेफ हाउस’

एसएसपी (SSP) के कड़े निर्देशों पर गठित विशेष टीम ने आलमगंज स्थित रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट में धावा बोला। यहाँ के एक फ्लैट को तस्करों ने स्मैक के गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रखा था।

  • बरामदगी: पुलिस ने कुल 21 किलो 181 ग्राम स्मैक बरामद की है।

  • कीमत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये आंकी गई है।

  • हथियार और कैश: मौके से 2 लाख रुपये नकद, एक पिस्टल, एक देसी कट्टा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

तस्कर निकला बिहार पुलिस का जवान

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब पुलिस के हाथ अपने ही एक साथी के गिरेबान तक पहुँचे। जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मुख्य चेहरा सिपाही ऋषिकेश कुमार है।

  • भगोड़ा सिपाही: ऋषिकेश की पोस्टिंग भागलपुर में हुई थी, लेकिन उसने वहां जॉइन ही नहीं किया। वह पिछले 8-9 महीनों से ड्यूटी से गायब (फरार) चल रहा था।

  • पुराना कनेक्शन: पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऋषिकेश पिछले दो सालों से तस्करी के इस काले धंधे में सक्रिय था।

  • नेटवर्क के सबूत: छापेमारी के दौरान 8 बैंक चेक मिले हैं, जिनमें से 2 चेक पुलिसकर्मियों के नाम पर हैं। इससे अंदेशा है कि इस रैकेट की जड़ें पुलिस विभाग में और गहरी हो सकती हैं।

जेल से छूटे तस्करों ने फिर बनाया गिरोह

पुलिस ने मौके से दो शातिर तस्करों— जितेन्द्र और नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। ये दोनों नए खिलाड़ी नहीं हैं। 5 साल पहले भी इन्हें 9 किलो स्मैक के साथ पकड़ा गया था। जेल से छूटने के बाद इन्होंने फिर से सिपाही ऋषिकेश के साथ मिलकर एक बड़ा और संगठित नेटवर्क तैयार कर लिया था।

15 लोग राडार पर, अपार्टमेंट मालिक पर भी गिरेगी गाज

पटना एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सिर्फ शुरुआत है। इस रैकेट से जुड़े 15 अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जिस रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट से ड्रग्स मिली है, उसके मालिक से भी पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने बिना सही वेरिफिकेशन के फ्लैट तस्करों को कैसे दिया।

पुलिस की चेतावनी

इस कार्रवाई से साफ है कि पटना में नशे का कारोबार अब रिहायशी सोसायटियों और अपार्टमेंट्स तक पहुँच गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या कोई अनजान व्यक्ति भारी मात्रा में सामान लेकर अपार्टमेंट में आता-जाता दिखे, तो तुरंत सूचना दें।

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