BNT Desk: पटना। राजधानी पटना की चर्चित नीट छात्रा संदेहास्पद मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बार फिर सक्रियता दिखाई है। शनिवार की सुबह छात्रा के मामा को पूछताछ के लिए CBI दफ्तर बुलाया गया। इसी बीच CBI ने मामले के जांच अधिकारी को भी बदल दिया है, जो इस बात का संकेत है कि जांच में अब नई दिशा दी जा रही है।
मामा से फिर पूछताछ, तथ्यों की हो रही पुष्टि
ताजा जानकारी के अनुसार छात्रा के मामा सुबह-सुबह CBI दफ्तर पहुंचे, जहां उनसे मामले के विभिन्न पहलुओं पर गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी हर छोटी-बड़ी जानकारी को जोड़कर पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने में जुटी है। परिजनों से लगातार पूछताछ के जरिए CBI तथ्यों की पुष्टि कर रही है ताकि इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी जल्द सुलझाई जा सके।
जांच अधिकारी बदले, DSP विभा कुमारी को मिली जिम्मेदारी
CBI ने इस हाई-प्रोफाइल केस के जांच अधिकारी (IO) को बदल दिया है। एएसपी पवन कुमार श्रीवास्तव की जगह अब DSP विभा कुमारी को नया आईओ नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि CBI ने 12 फरवरी को यह केस अपने हाथ में लिया था, लेकिन जांच की धीमी रफ्तार और प्रक्रियागत खामियों को लेकर पॉक्सो कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसी फटकार के बाद यह बड़ा बदलाव किया गया।
परिजनों का विरोध, मां हुईं बेहोश
नई जांच अधिकारी विभा कुमारी अपनी टीम के साथ जहानाबाद में छात्रा के घर पहुंचीं तो परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर विरोध जताया। उनका कहना था कि CBI कई बार पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। पूछताछ के दौरान छात्रा की मां की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। इस मामले में परिवार को अब तक दो बार धमकी भरे पत्र भी मिल चुके हैं, जिसकी शिकायत शकूराबाद थाने में दर्ज है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जांच में गंभीर खामियां, कोर्ट ने लगाई फटकार
इस पूरे मामले में CBI की जांच पर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। केस दर्ज करते समय पॉक्सो एक्ट नहीं जोड़ा गया, जिस पर कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई। मुख्य आरोपी मनीष कुमार रंजन से रिमांड पर पूछताछ नहीं की गई। उसके मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की सही तरीके से जांच नहीं हुई और घटना के दिन उसकी लोकेशन भी अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसके अलावा परिजनों के बयान कोर्ट में दर्ज नहीं कराए गए हैं और हॉस्टल व आसपास के CCTV फुटेज भी अब तक पेश नहीं किए गए हैं।
अब सभी की नजरें नई जांच अधिकारी DSP विभा कुमारी पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि नई टीम इन सभी खामियों को दूर करते हुए जांच को सही दिशा में ले जाएगी और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सकेगा।