होर्मुज स्ट्रेट में ‘सेफ पैसेज’ के बदले वसूली? ईरान पर बड़ा दावा, तेल टैंकर से 20 लाख डॉलर लेने की रिपोर्ट से मचा हड़कंप

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BNT Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के बीच अब एक नई और गंभीर खबर सामने आई है, जिसने वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से ‘सुरक्षित रास्ता’ देने के बदले भारी रकम वसूल रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट: क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है। यह वह रास्ता है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और गैस सप्लाई होता है।

अगर यहां कोई बाधा आती है, तो उसका सीधा असर तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार पर पड़ता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन जाती है।

‘सेफ पैसेज’ के नाम पर वसूली का दावा

लॉयड्स लिस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक खास ‘सुरक्षित कॉरिडोर’ तैयार किया है। इस रास्ते से सिर्फ वही जहाज गुजर सकते हैं जिन्हें ईरान की मंजूरी मिली हो।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक निजी तेल टैंकर कंपनी से इस सुरक्षित मार्ग के बदले करीब 20 लाख डॉलर यानी लगभग 18 करोड़ रुपये वसूले गए। हालांकि, उस जहाज की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

यह आरोप अगर सही साबित होता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और व्यापार के लिए एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

IRGC की भूमिका और नया सिस्टम

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) इस पूरे सिस्टम को संचालित कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC ने एक खास रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू किया है, जिसके तहत जहाजों को पहले पंजीकरण कराना होगा, तभी उन्हें इस ‘सुरक्षित मार्ग’ से गुजरने की अनुमति मिलेगी।

यह कदम दिखाता है कि ईरान इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और समुद्री यातायात पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

भारत समेत कई देशों की चिंता

इस स्थिति को देखते हुए भारत, पाकिस्तान, इराक, मलेशिया और चीन जैसे देश अपने जहाजों की सुरक्षा को लेकर सीधे ईरान से बातचीत कर रहे हैं।

भारत के लिए यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसके 22 जहाज इस समय होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाके में फंसे हुए हैं।

लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, भारत का एक गैस टैंकर ईरान के लारक द्वीप के पास से गुजरते हुए ईरानी जलक्षेत्र में गया, जहां उसकी पहचान की जांच की गई।

अब तक कुल 9 जहाज इस विशेष कॉरिडोर से गुजर चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि यह सिस्टम धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है।

‘जग लाडकी’ की सुरक्षित वापसी

इसी बीच राहत की खबर यह है कि भारत का एक जहाज ‘जग लाडकी’ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गुजरात पहुंच गया है।

यह दिखाता है कि तमाम जोखिमों के बावजूद कुछ जहाज इस संवेदनशील इलाके से सुरक्षित निकलने में सफल हो रहे हैं, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।

F-35 जेट पर हमले का दावा

समुद्री तनाव के साथ-साथ हवाई क्षेत्र में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया है। इस हमले का एक वीडियो भी जारी किया गया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह स्वीकार किया है कि एक F-35 जेट को मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। यह विमान मिडिल ईस्ट के किसी देश में उतारा गया है।

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