BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर शिक्षक बहाली की गूंज से थर्रा उठी है। बुधवार को TRE-4 (शिक्षक नियुक्ति परीक्षा-4) के हजारों अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। नोटिफिकेशन जारी करने में हो रही देरी और प्रशासनिक सुस्ती के खिलाफ अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है। पटना कॉलेज से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन बीपीएससी (BPSC) मुख्यालय तक मार्च के रूप में तब्दील हो गया है, जिससे पूरे शहर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
पटना कॉलेज में अभ्यर्थियों का सैलाब और पोस्टर वॉर
बुधवार सुबह से ही पटना कॉलेज परिसर में प्रदेश के कोने-कोने से आए अभ्यर्थियों का जमावड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते पूरा परिसर ‘इंकलाब’ के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर सरकार और विभाग के खिलाफ कड़ा संदेश लिखा था। विशेष रूप से महिला अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक देखी गई। प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों पर “हमें हमारा हक दो” और “नीतीश के सम्मान में बेटियां मैदान में” जैसे नारे प्रमुखता से लिखे थे। इन नारों के जरिए अभ्यर्थी मुख्यमंत्री की महिला सशक्तिकरण की छवि को याद दिलाते हुए जल्द बहाली की गुहार लगा रहे हैं।
छात्र नेता दिलीप का आरोप: “अधिकारी कर रहे हैं सीएम का अपमान”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे चर्चित छात्र नेता दिलीप कुमार ने प्रशासन और बीपीएससी के अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। मीडिया को संबोधित करते हुए दिलीप ने कहा कि इस पूरे गतिरोध के पीछे विभागीय लापरवाही है। उन्होंने दावा किया, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद चाहते हैं कि TRE-4 की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो। वे अपनी हालिया ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान भी सार्वजनिक मंचों से लगातार नई नियुक्तियों और शिक्षक बहाली का जिक्र कर रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि बीपीएससी के कुछ आला अधिकारी मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। यह न केवल लाखों शिक्षित युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के इकबाल और उनके आदेश का अपमान भी है।”
पटना कॉलेज से बीपीएससी दफ्तर तक का मार्च
हुंकार भरने के बाद अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से बीपीएससी कार्यालय तक पैदल मार्च शुरू किया। जैसे ही मार्च अशोक राजपथ पर पहुँचा, यातायात पूरी तरह ठप हो गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक विभाग स्पष्ट रूप से नोटिफिकेशन की तारीख और आगामी परीक्षा का कैलेंडर जारी नहीं करता, उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आने वाले दिनों में और भी उग्र प्रदर्शन करेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रशासन की चुनौती
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने मार्च के रास्ते में और बीपीएससी दफ्तर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है ताकि छात्रों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोका जा सके। फिलहाल, अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।