बक्सर: डुमरांव अनुमंडल में दो शिक्षकों पर छात्राओं से दुष्कर्म का आरोप, अश्लील वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

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BNT Desk: बक्सर जिले के डुमरांव अनुमंडल में शिक्षा व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव पंचायत स्थित नथुनी अहीर के डेरा मध्य विद्यालय के दो शिक्षकों पर विद्यालय की पूर्व छात्राओं के साथ गंभीर अपराध करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि एक शिक्षक ने एक नाबालिग छात्रा के साथ गलत हरकत की और घटना का वीडियो बनाया, जबकि दूसरे शिक्षक पर आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर उसे वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कृष्णाब्रह्म थाना पहुंचे और दोनों शिक्षकों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान से जुड़े शिक्षकों पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं।

 

वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला

बताया जा रहा है कि मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद मामला शिक्षा विभाग तक भी पहुंचा। शिकायत में विद्यालय के शिक्षक अरविंद कुमार पर एक नाबालिग छात्रा को होटल ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है। आरोप यह भी है कि इस घटना का वीडियो बनाया गया और बाद में उसे वायरल कर दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

 

दूसरे शिक्षक पर भी गंभीर आरोप

विद्यालय के दूसरे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद पर भी आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ऑडियो के जरिए धमकी देने की बात सामने आई है। ग्रामीणों की ओर से शिक्षा विभाग को दिए गए आवेदन में दोनों शिक्षकों के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में छात्राओं के साथ गलत व्यवहार, आपत्तिजनक वीडियो और धमकी से जुड़ी बातें कही गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने भी तत्काल कार्रवाई की है।

 

शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को किया निलंबित

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया गया है कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डुमरांव की ओर से 31 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। रिपोर्ट में ग्रामीणों की शिकायत और दोनों शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया था। इसके साथ ही आरोपों को गंभीर मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

 

ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर की गिरफ्तारी की मांग

मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। बड़ी संख्या में लोग देर रात कृष्णाब्रह्म थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस से दोनों आरोपित शिक्षकों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। लोगों ने आरोपित शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की ओर से ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपित शिक्षकों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी।

 

पुलिस वायरल वीडियो की भी कर रही जांच

मामले में पुलिस कई पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में वायरल वीडियो को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कब और कहां बनाया गया, इसे किसने रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर इसे किसके जरिए वायरल किया गया। इसके अलावा शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों और ऑडियो से जुड़े दावों की भी जांच की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

 

आरोपों की जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

इस मामले में फिलहाल दोनों शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। विभागीय कार्रवाई के तहत दोनों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पुलिस गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के लिए जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाएगी। बिना जांच पूरी हुए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। इस पूरे मामले ने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की नजर अब पुलिस की कार्रवाई और जांच के नतीजे पर है। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से भी मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई की जा रही है।

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