पटना: बाढ़ में चार युवकों की मौत से मचा हड़कंप, परिजनों से मिले मंत्री विजय सिन्हा

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BNT Desk: पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव में कथित नॉनवेज पार्टी के दौरान चार युवकों की तबीयत बिगड़ने और बाद में मौत का मामला अब तूल पकड़ रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा मृतकों के परिजनों से मिलने बेढ़ना गांव पहुंचे। उन्होंने परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मंत्री ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि चारों युवकों की मौत किस वजह से हुई। लोगों की ओर से जहरीला पेय पदार्थ पीने की बात कही जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

बेढ़ना गांव से है मंत्री का पुराना जुड़ाव

मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे विजय सिन्हा ने कहा कि बेढ़ना गांव से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि इसी गांव के स्कूल से उन्होंने अपनी पढ़ाई की है। उन्होंने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह का माहौल और घटनाएं बेहद गंभीर हैं। मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि चारों युवकों की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

 

जहरीला पेय पदार्थ पीने की बात सामने आई

विजय सिन्हा ने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से यह जानकारी सामने आ रही है कि चारों युवकों ने किसी जहरीले पेय पदार्थ का सेवन किया था। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लोगों के बयान के आधार पर मौत की वजह तय नहीं की जा सकती। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि युवकों ने क्या सेवन किया था और उनकी मौत का वास्तविक कारण क्या था।

 

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

मंत्री ने कहा कि चारों युवकों की मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और उसके आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि अगर जांच में जहरीले पेय पदार्थ या किसी अन्य जहरीले पदार्थ के सेवन से मौत की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए बाढ़ के एसडीएम को आवश्यक निर्देश देने की बात भी कही।

 

इलाज के लिए पटना ले जाते समय हुई मौत

जानकारी के अनुसार, चारों युवकों की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उनकी हालत तेजी से खराब हुई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें आनन-फानन में बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण चारों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया। हालांकि, पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही इलाज के क्रम में चारों युवकों की मौत हो गई।

 

मौत के बाद फोरलेन पर किया गया हंगामा

चारों युवकों की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन को जाम कर दिया और हंगामा किया। ग्रामीणों और परिजनों की ओर से घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की।

 

अस्पताल की ड्यूटी और रेफर प्रक्रिया की भी होगी जांच

कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर एसडीएम और डीएम से बातचीत की है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। मंत्री ने अस्पताल में चारों युवकों के इलाज और उन्हें पटना रेफर किए जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि घटना के समय अस्पताल में किसकी ड्यूटी थी और मरीजों को रेफर करने की प्रक्रिया किस तरह हुई। चूंकि चारों की मौत पटना ले जाने के दौरान हुई, इसलिए इस पहलू की भी जांच कराने की बात मंत्री ने कही है।

 

चारों युवक NTPC में करते थे काम

विजय सिन्हा ने बताया कि चारों युवक एनटीपीसी में काम करते थे और आपस में दोस्त थे। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से भी बातचीत की गई है। मंत्री के मुताबिक, पूरे मामले में सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

 

जहरीले पदार्थ की पुष्टि पर 4 लाख रुपये की सहायता

मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में जहरीले पेय पदार्थ से मौत के मामलों में मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता देने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शराब या जहरीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, अगर रिपोर्ट में शराब की पुष्टि नहीं होती है, तब भी सरकार की ओर से परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी।

 

अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल

घटना के बाद प्रशासन और अस्पताल की भूमिका को लेकर भी परिजनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारी हाल ही में पदस्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी को केवल आरोप के आधार पर दोषी नहीं माना जाएगा, बल्कि पूरे मामले की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी।मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल चार युवकों की मौत के बाद बेढ़ना गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच के साथ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि चारों युवकों की मौत जहरीले पेय पदार्थ, शराब या किसी अन्य कारण से हुई। सरकार की ओर से भी मामले में जांच के आधार पर कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को सहायता देने की बात कही गई है।

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