कैमूर: कर्मनाशा नदी उफनाई, यूपी-बिहार का संपर्क प्रभावित, छलका पर तेज बहाव के बीच जान जोखिम में डाल रहे लोग

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BNT Desk: कैमूर जिले में उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। दुर्गावती थाना क्षेत्र के आदर्श नुआंव के समीप दुर्गावती-ककरैत मार्ग पर बने छलका के ऊपर पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। पानी की ऊंचाई करीब तीन से चार फीट तक बताई जा रही है। तेज धारा के कारण इस रास्ते से आवागमन प्रभावित हुआ है। इसके बावजूद कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से सड़क पार करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग पैदल तो कुछ वाहन लेकर तेज बहाव वाले हिस्से को पार करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं किया गया तो यहां बड़ा हादसा हो सकता है।

तेज बहाव के बीच सड़क पार कर रहे लोग

कर्मनाशा नदी में पानी बढ़ने के बाद दुर्गावती-ककरैत पथ के छलका पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है। सड़क के ऊपर से पानी बहने के कारण यह समझना मुश्किल हो रहा है कि पानी के नीचे सड़क की स्थिति कैसी है। तेज बहाव के बावजूद कुछ लोग जल्दबाजी में इस रास्ते को पार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की है कि वे पानी की तेज धारा में पैदल या किसी वाहन से सड़क पार करने की कोशिश न करें। बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच पानी का बहाव अचानक और तेज हो सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

 

मौके पर पहुंचे मुखिया

पानी के बढ़ते बहाव की सूचना मिलने के बाद मसौढ़ा पंचायत के मुखिया संजय सिंह उर्फ बब्बू मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पानी के बीच से रास्ता पार नहीं करने की अपील की। मुखिया ने लोगों को समझाया कि तेज बहाव वाले पानी में सड़क पार करना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से भी तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की, ताकि कोई व्यक्ति अपनी जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से न गुजरे।

 

SDM से की बैरिकेडिंग की मांग

मुखिया संजय सिंह ने मामले की जानकारी अनुमंडल एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी को दी। उन्होंने फोन पर बातचीत कर छलका वाले स्थान पर तत्काल बैरिकेडिंग कराने की मांग की। मुखिया के मुताबिक, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पुलिस भेजने की कार्रवाई शुरू की। बताया गया कि डायल 112 की पुलिस को भी घटनास्थल की ओर भेजा गया है। प्रशासन की कोशिश है कि तेज बहाव वाले हिस्से में लोगों की आवाजाही को रोका जाए और किसी संभावित हादसे को टाला जा सके।

 

30 से 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी

स्थानीय जानकारी के अनुसार, मूसाखाड़ बांध से करीब 30 से 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बताया जा रहा है कि यह पानी लतीफ साहब बीयर से ओवरफ्लो होकर कर्मनाशा नदी में पहुंच रहा है। इसी वजह से कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ा है और नदी उफान पर है। पानी की मात्रा बढ़ने के साथ नदी की धारा भी तेज हो गई है। इसका सीधा असर आसपास के रास्तों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, पानी छोड़े जाने की मात्रा और नदी के जलस्तर से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्थिति का आकलन किया जाना बाकी है।

 

यूपी-बिहार के बीच आवागमन प्रभावित

कर्मनाशा नदी बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क क्षेत्र से जुड़ी है। ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने और रास्ते पर पानी आने से दोनों राज्यों के बीच स्थानीय आवागमन प्रभावित हो रहा है। दुर्गावती-ककरैत मार्ग पर पानी का तेज बहाव होने के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी कम होने तक इस रास्ते पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाए और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

हादसे की आशंका, लोगों से सावधानी की अपील

मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने साफ कहा है कि तेज बहाव वाले पानी में सड़क पार करने से बचना चाहिए। पानी के नीचे सड़क की स्थिति दिखाई नहीं देती और बहाव कभी भी बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग किए जाने की बात कही गई है, ताकि लोग जोखिम लेकर रास्ता पार न करें। साथ ही पुलिस की मौजूदगी से भी लोगों को रोकने और समझाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और दुर्गावती-ककरैत पथ के छलका पर तेज धारा बह रही है। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे पानी के तेज बहाव वाले रास्ते से गुजरने से बचें और प्रशासन की चेतावनी का पालन करें।

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