BNT Desk: पटना के GPO गोलंबर के पास बने Multi Modal Hub में अक्टूबर से वाहन पार्क करने के लिए शुल्क देना होगा। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने हब के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके साथ ही हब से जुड़े करीब 440 मीटर लंबे सब-वे का संचालन और रखरखाव भी चयनित एजेंसी के जिम्मे होगा। हालांकि, अभी तक पार्किंग शुल्क की राशि तय नहीं हुई है। शुल्क निर्धारित करने से पहले पटना जंक्शन, एयरपोर्ट और शहर के दूसरे प्रमुख पार्किंग स्थलों पर लागू दरों का अध्ययन किया जा रहा है।
अक्टूबर से शुरू होगी शुल्क वाली पार्किंग
मल्टी मॉडल हब में अक्टूबर से पार्किंग की नई व्यवस्था लागू होने की तैयारी है। इसका उद्देश्य GPO गोलंबर और आसपास के इलाके में वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की सुविधा देना है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल पार्किंग शुल्क को लेकर है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से अभी कार, बस और दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क दर सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों की ओर से शहर के प्रमुख पार्किंग स्थलों की दरों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद पार्किंग शुल्क निर्धारित किए जाने की संभावना है। नियमित रूप से हब में वाहन खड़ा करने वाले लोगों को मंथली पास की सुविधा भी मिलेगी। इससे रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को हर दिन अलग से पार्किंग शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। मंथली पास की दर भी सामान्य पार्किंग शुल्क तय होने के बाद निर्धारित किए जाने की संभावना है।
स्मार्ट सेंसर से होगी वाहन की पहचान
मल्टी मॉडल हब की पार्किंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है। इसमें वाहन के हब में प्रवेश करते ही सेंसर उसे डिटेक्ट करेगा। इसके बाद ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेगा। नंबर प्लेट की पहचान होते ही सिस्टम अपने आप टिकट जनरेट करेगा। टिकट बनने के बाद बूम बैरियर ऑटोमेटिक तरीके से खुल जाएगा और वाहन पार्किंग क्षेत्र में प्रवेश कर सकेगा। इस व्यवस्था से पार्किंग में वाहन प्रवेश की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। साथ ही मैनुअल तरीके से टिकट बनाने और वाहनों की एंट्री दर्ज करने पर निर्भरता भी कम होगी।
एक साथ 225 कारों की पार्किंग
मल्टी मॉडल हब में कार और बसों के लिए अलग-अलग स्तरों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। ग्राउंड फ्लोर पर 6 कारों के साथ 32 बसों को खड़ा करने की क्षमता रखी गई है। पहली मंजिल पर 67 कारों की पार्किंग की व्यवस्था है। दूसरी मंजिल पर 76 और तीसरी मंजिल पर भी 76 कारों को खड़ा किया जा सकेगा। इस तरह हब में एक समय में कुल 225 कारों को पार्क किया जा सकेगा। बसों के लिए अलग व्यवस्था होने से GPO गोलंबर और आसपास के व्यस्त इलाके में बड़े वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।
96 बाइक के लिए बनेगा रोटरी पार्किंग सिस्टम
कार और बसों के अलावा दोपहिया वाहनों के लिए भी आधुनिक पार्किंग व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके लिए रोटरी तकनीक आधारित पार्किंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। इस सिस्टम में कम जगह में अधिक संख्या में बाइक को व्यवस्थित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा। एक रोटरी पार्किंग व्यवस्था में एक साथ 96 बाइक खड़ी करने की क्षमता होगी। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की योजना शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर इस तरह की रोटरी पार्किंग विकसित करने की है। इसका उद्देश्य सीमित जगह का बेहतर इस्तेमाल करते हुए दोपहिया वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग उपलब्ध कराना है।
संचालन के लिए चार एजेंसियां तकनीकी रूप से योग्य
मल्टी मॉडल हब के संचालन और रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया में चार एजेंसियां तकनीकी रूप से योग्य पाई गई हैं। अब आपत्तियों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। वित्तीय बोली के आधार पर चयनित एजेंसी का फैसला किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी को मल्टी मॉडल हब के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। चयनित एजेंसी का काम केवल पार्किंग व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। उसे पूरे मल्टी मॉडल हब के साथ उससे जुड़े 440 मीटर लंबे सब-वे के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी।
हब में रेस्तरां और दुकानों की भी सुविधा
मल्टी मॉडल हब को केवल पार्किंग सुविधा के तौर पर विकसित नहीं किया जा रहा है। यहां यात्रियों और आम लोगों के लिए कई दूसरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। हब में करीब 4,763 वर्गफुट क्षेत्र में रेस्तरां बनाया जा रहा है। इसके अलावा हब के अंदर पांच दुकानों की व्यवस्था की गई है। 440 मीटर लंबे सब-वे में भी छह दुकानों के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही लोगों की जरूरत को देखते हुए एटीएम और EV चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
सड़क किनारे पार्किंग से मिलेगी राहत?
GPO गोलंबर और आसपास का इलाका पटना के व्यस्त क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में वाहन आते-जाते हैं और सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से कई बार यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। मल्टी मॉडल हब में पर्याप्त पार्किंग क्षमता उपलब्ध होने के बाद सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े करने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। बसों, कारों और दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था होने से वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा। स्मार्ट सेंसर, ANPR कैमरा और ऑटोमैटिक टिकट सिस्टम के कारण पार्किंग में प्रवेश और निकासी की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
अब पार्किंग शुल्क पर टिकी नजर
मल्टी मॉडल हब की पार्किंग व्यवस्था अक्टूबर से शुरू होने की तैयारी में है, लेकिन वाहन चालकों की नजर अब पार्किंग शुल्क पर टिकी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार, बस और बाइक के लिए कितनी राशि निर्धारित की जाएगी। पटना जंक्शन, एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख पार्किंग स्थलों की दरों का अध्ययन पूरा होने के बाद शुल्क तय किया जाएगा। इसके बाद ही यह साफ होगा कि नई स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था में वाहन चालकों को कितनी राशि चुकानी होगी। मंथली पास की सुविधा नियमित वाहन चालकों के लिए अलग विकल्प होगी। वहीं, पार्किंग शुल्क और पास की दर तय होने के बाद ही लोगों को इस नई व्यवस्था की वास्तविक लागत का अंदाजा लग सकेगा।