पटना मेट्रो: खेमनीचक स्टेशन को जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य, कॉरिडोर-1 की धीमी रफ्तार बनी चुनौती

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BNT Desk: पटना मेट्रो रेल परियोजना का काम इन दिनों युद्धस्तर पर चल रहा है। शहर के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की इस कवायद में खेमनीचक (Khemichak) स्टेशन को सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। हालांकि, मेट्रो के कॉरिडोर-1 के निर्माण में हो रही देरी ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस कॉरिडोर का करीब 70 प्रतिशत सिविल कार्य अभी भी लंबित है। इसके बावजूद, अधिकारियों ने खेमनीचक स्टेशन को हर हाल में जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

पटना मेट्रो का ‘लाइफलाइन’ इंटरचेंज स्टेशन

खेमनीचक स्टेशन को पटना मेट्रो नेटवर्क के प्रमुख इंटरचेंज पॉइंट (Interchange Point) के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह स्टेशन शहर के दो अलग-अलग मेट्रो कॉरिडोर को आपस में जोड़ने का काम करेगा, जिससे यात्रियों के लिए एक रूट से दूसरे रूट पर जाना आसान हो जाएगा।

  • कॉरिडोर-2 की प्रगति: कॉरिडोर-2 के तहत भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच का काम काफी तेजी से हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस खंड में सिविल कंस्ट्रक्शन का काम लगभग पूरा हो चुका है और प्लेटफॉर्म भी इस्तेमाल के लिए तैयार हैं।

  • कॉरिडोर-1 की चुनौती: दूसरी ओर, खेमनीचक में ही कॉरिडोर-1 (मीठापुर की ओर) का काम अभी भी प्रगति पर है। इसमें प्लेटफॉर्म का विकास और अन्य महत्वपूर्ण नागरिक कार्य शामिल हैं, जिन्हें पूरा होने में अभी वक्त लगेगा।

मलाही पकड़ी के साथ नहीं खुलेगा खेमनीचक

कॉरिडोर-2 की तैयारी पूरी होने के बावजूद, खेमनीचक स्टेशन को मलाही पकड़ी स्टेशन के साथ नहीं खोला जाएगा। इसका मुख्य कारण कॉरिडोर-1 के काम में हो रही देरी है। मेट्रो अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और तकनीकी पूर्णता सुनिश्चित करने के बाद ही खेमनीचक को यात्रियों के लिए खोला जाएगा।

सम्राट चौधरी के निर्देश: काम में लाएं तेजी

परियोजना में हो रही देरी को देखते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में मेट्रो कार्य की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचे हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। नेतृत्व की ओर से यह सख्ती इसलिए दिखाई गई है क्योंकि मेट्रो प्रोजेक्ट की देरी से न केवल लागत बढ़ रही है, बल्कि शहर के लोगों को भी यातायात की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

सुरक्षा जांच और तकनीकी अड़चनें

मेट्रो परिचालन शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना अनिवार्य है। हाल ही में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने मेट्रो लाइन के एक हिस्से का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के दौरान सुरक्षा आयुक्त ने 22 तकनीकी बिंदु उठाए थे, जिन पर सुधार की आवश्यकता बताई गई थी।

सुरक्षा मंजूरी की स्थिति:

  • मेट्रो अधिकारियों ने CMRS द्वारा उठाए गए सभी 22 बिंदुओं पर अपना जवाब और सुधार रिपोर्ट सौंप दी है।

  • अब अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही किसी नए स्ट्रेच पर यात्री सेवाओं की शुरुआत हो पाएगी।

आने वाले हफ्ते बेहद महत्वपूर्ण

निर्माण कार्य जारी रहने और सुरक्षा मंजूरी (Safety Clearance) के इंतजार के बीच, पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए आने वाले कुछ सप्ताह बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाले हैं। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि जुलाई की समय सीमा के भीतर खेमनीचक स्टेशन का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि पटनावासी आधुनिक और कुशल मेट्रो प्रणाली के सपने के करीब पहुंच सकें।

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