बिहार: 135 kmph की रफ्तार से आया तूफान, 9 की मौत, पटना में जनजीवन अस्त-व्यस्त

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: शुक्रवार का दिन बिहार के लिए किसी डरावने सपने जैसा रहा। प्रकृति के रौद्र रूप ने राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर राजधानी पटना को झकझोर कर रख दिया। दोपहर बाद अचानक आए तेज तूफान और मूसलाधार बारिश ने ऐसी तबाही मचाई कि महज आधे घंटे के भीतर ही पूरी व्यवस्था चरमरा गई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक राज्य भर में 9 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

जब थम गई पटना की धड़कन

राजधानी पटना में शुक्रवार को हवा की रफ्तार ने सबको दहला दिया। मौसम विभाग के अनुसार, आंधी की गति 135 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। यह रफ्तार इतनी भयानक थी कि शहर के बड़े-बड़े और पुराने पेड़ तिनकों की तरह उखड़ गए।

आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ पटना शहर में 200 से ज्यादा पेड़ और दर्जनों बिजली के खंभे गिर गए। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा। शहर की मुख्य सड़कें जैसे बेली रोड, बोरिंग रोड और कंकड़बाग की गलियां पेड़ों के मलबे से पट गईं, जिससे पूरा शहर एक बड़े ट्रैफिक जाम की चपेट में आ गया।

ट्रैफिक का बुरा हाल

तूफान के बाद पटना की सड़कों पर जो मंजर दिखा, उसने प्रशासन की चुनौतियों को बढ़ा दिया। सड़कों पर गिरे पेड़ों की वजह से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। आलम यह था कि लोगों को महज 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय लगा।

इस महाजाम का असर आम और खास, दोनों पर पड़ा। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी इस भीषण जाम में फंस गए। अपनी गाड़ी को घंटों रेंगते देख, आखिरकार उन्हें कार छोड़नी पड़ी और अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए उन्होंने बाइक का सहारा लिया। उनकी बाइक सवारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं, जो शहर की खराब स्थिति को बयां करती हैं।

जान-माल का भारी नुकसान

इस आपदा में सबसे दुखद पहलू रहा लोगों की जान जाना। राज्य भर में तूफान और वज्रपात (ठनका) की चपेट में आने से 9 लोगों की मौत हुई है। अकेले पटना जिले में पेड़ गिरने और बिजली गिरने से 4 लोगों ने अपनी जान गंवाई।

सड़कों पर खड़ी दर्जनों गाड़ियां पेड़ों के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। कई घरों की छतें उड़ गईं और ग्रामीण इलाकों में फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रेल और हवाई सेवाओं पर असर

तूफान का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवहन के अन्य माध्यम भी बुरी तरह प्रभावित हुए:

  • रेलवे: पटना जंक्शन पर प्लेटफॉर्म का एक भारी लोहे का शेड उखड़कर पटरी पर खड़ी ट्रेन पर जा गिरा। गनीमत रही कि उस समय बड़ी संख्या में यात्री वहां मौजूद नहीं थे, वरना बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

  • एयरपोर्ट: खराब विजिबिलिटी और तेज हवाओं के कारण हवाई सेवाओं में खलल पड़ा। कोलकाता से पटना आ रही फ्लाइट को सुरक्षित लैंडिंग न मिल पाने के कारण लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा। कई अन्य उड़ानों में भी घंटों की देरी हुई।

पटना जू बंद

प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह ‘पटना जू’ को भी तूफान ने नहीं बख्शा। चिड़ियाघर के अंदर 30 से ज्यादा बड़े और दुर्लभ पेड़ गिर गए, जिससे जानवरों के बाड़ों और रास्तों को नुकसान पहुँचा। सुरक्षा और सफाई को देखते हुए जू प्रशासन ने इसे एक दिन के लिए पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने बिहार वासियों के लिए एक अहम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 11 मई तक राज्य में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है।

  • अलर्ट: पटना सहित बिहार के 20 जिलों में फिर से तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

  • सावधानी: लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसान भाई भी खेतों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

शुक्रवार का यह तूफान एक बार फिर याद दिला गया कि कुदरत के आगे इंसान बेबस है। प्रशासन युद्ध स्तर पर पेड़ों को हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटा है, लेकिन आम जनता को अभी सतर्क रहने की जरूरत है। अगले कुछ दिन बिहार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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