BNT Desk: राजधानी पटना की आधुनिक परिवहन व्यवस्था को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि 2 जुलाई 2026 को पटना मेट्रो का विस्तार ‘मलाही पकड़ी’ मेट्रो स्टेशन तक कर दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कदम से पटना के कंकड़बाग, राजेंद्र नगर और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों के निवासियों के लिए आवागमन अब और भी सुगम, सुरक्षित और तेज हो जाएगा।
विस्तार की मुख्य बातें
पटना मेट्रो के इस विस्तार को राजधानी के शहरी विकास की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
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लोकार्पण की तारीख: 2 जुलाई 2026।
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उद्घाटनकर्ता: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।
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प्रभावित क्षेत्र: इस स्टेशन के खुलने से कंकड़बाग और राजेंद्र नगर जैसे प्रमुख रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों को मेट्रो कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिलेगा।
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वर्तमान स्थिति: वर्तमान में आईएसबीटी (ISBT) से भूतनाथ स्टेशन तक मेट्रो सेवा संचालित हो रही है। अब मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशनों के जुड़ने से यह नेटवर्क और अधिक विस्तार पाएगा।
खेमनीचक स्टेशन पर अभी रुकेंगी नहीं ट्रेनें
अधिकारियों के अनुसार, हालांकि मलाही पकड़ी स्टेशन का लोकार्पण 2 जुलाई को हो रहा है, लेकिन अभी इस कॉरिडोर पर स्थित ‘खेमनीचक’ मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। सुरक्षा और तकनीकी कारणों से फिलहाल मेट्रो ट्रेनें खेमनीचक स्टेशन पर नहीं रुकेंगी और वहां से बिना रुके सीधे अपने गंतव्य तक संचालित होंगी।
सीएम की समीक्षा बैठक और निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में पटना मेट्रो रेल परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
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समयबद्ध कार्य: परियोजना के सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
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ट्रैफिक मैनेजमेंट: निर्माण कार्य के दौरान शहर में आम लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए एक वैज्ञानिक और प्रभावी ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान’ तैयार किया जाए।
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सुरक्षा मानक: सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
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सैटेलाइट टाउनशिप: राजधानी के भविष्य के विस्तार को देखते हुए प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप के मास्टर प्लान को भी जल्द अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया है।
पटना की बदलती तस्वीर
सरकार का मानना है कि पटना मेट्रो के विस्तार से शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और प्रदूषण में कमी आएगी। यह विश्वस्तरीय परिवहन प्रणाली न केवल लोगों का समय बचाएगी, बल्कि भविष्य में राजधानी के सुनियोजित विकास और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगी।