BNT Desk: बिहार के छपरा जिले में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक सिरफिरी प्रेमिका अपने प्रेमी को पाने की जिद में 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। मामला केवल टावर पर चढ़ने तक सीमित नहीं रहा; युवती ने टावर की ऊँचाई से कई वीडियो (रील्स) बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिए, जो देखते ही देखते वायरल हो गए। करीब 6 घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन ने कड़ी मशक्कत कर युवती को सुरक्षित नीचे उतारा।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई ‘रील’ वाली प्रेम कहानी
यह प्रेम कहानी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली अंजलि राजभर (28) और छपरा के तकिया गांव निवासी अजय मांझी (30) की है। अंजलि इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय है। करीब 3 साल पहले अजय ने अंजलि की एक रील पर कमेंट किया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई।
अजय दिल्ली में एक प्राइवेट नौकरी करता है। अंजलि कई बार उससे मिलने दिल्ली भी गई। अंजलि के इंस्टाग्राम पेज पर अजय के साथ कई वीडियो हैं, जिनमें वह कभी मांग में सिंदूर भरे दिख रही है, तो कभी अजय उसे मंगलसूत्र पहना रहा है।
“होटल ले गए और अब शादी से मना कर रहे हैं”
विवाद तब शुरू हुआ जब अजय के परिवार को इस रिश्ते का पता चला। अजय के घर वालों ने साफ कह दिया कि अगर उसने अंजलि से शादी की, तो उसे परिवार छोड़ना होगा। परिवार के दबाव में अजय ने अंजलि से दूरी बना ली।
परेशान होकर अंजलि शनिवार को आजमगढ़ से सीधे छपरा पहुँच गई। अंजलि ने एक रील में आरोप लगाया, “होटल ले जाओगे और शादी नहीं करोगे। बहला-फुसलाकर होटल ले गए और अब शादी से मना कर रहे हैं। लड़की तैयार है, लेकिन लड़का बदल गया है।”
टावर से सुसाइड नोट और लाइव रील
रविवार सुबह करीब 8 बजे अंजलि छपरा के तकिया गांव में स्थित मोबाइल टावर के पास पहुँची। उसने टावर पर चढ़ने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने अजय के परिजनों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। टावर पर चढ़ने के बाद उसने रील बनाई और कहा:
“मैं अपने बॉयफ्रेंड अजय से शादी करना चाहती हूँ, लेकिन उसके घरवाले नहीं मान रहे। उन्हें मानना ही पड़ेगा, नहीं तो मैं यहीं से कूदकर जान दे दूंगी। यह वीडियो एडिटेड नहीं है, मैं सच में टावर पर हूँ।”
5 हजार की भीड़ और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
टावर पर लड़की को देख गांव में सनसनी फैल गई। करीब 5 हजार लोग वहां जुट गए। सूचना मिलते ही दाउदपुर थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम और छपरा सदर एसडीओ नितेश कुमार मौके पर पहुँचे। भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण करीब 4 घंटे बाद अंजलि टावर के ऊपर ही बेहोश होने लगी।
स्थित बिगड़ते देख एसडीओ नितेश कुमार ने सूझबूझ से काम लिया। एक पुलिसकर्मी और टावर मैकेनिक जान जोखिम में डालकर ऊपर चढ़े। उन्होंने पहले बेहोश हो रही अंजलि को पानी पिलाया और फिर सुरक्षा बेल्ट के सहारे धीरे-धीरे उसे 200 फीट नीचे उतारा।
प्रशासन की मशक्कत और वर्तमान स्थिति
एसडीओ नितेश कुमार ने बताया कि लड़की को समझाने में काफी समय लगा। वह बहुत गुस्से और सदमे में थी। नीचे उतारने के बाद उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। फिलहाल पुलिस अजय के परिवार और अंजलि, दोनों पक्षों को थाने ले गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों परिवारों के बीच बीच-बचाव का प्रयास किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह प्रेम कहानी आज एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। प्रशासन की तत्परता ने एक जान बचा ली, लेकिन यह घटना इंटरनेट पर बनते रिश्तों और उनके सामाजिक परिणामों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। फिलहाल छपरा पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।