बिहार: कैबिनेट ने 4 रैपिड रेल कॉरिडोर को दी मंजूरी, DPR के लिए 31.59 करोड़ स्वीकृत, दिल्ली-NCR की तर्ज पर विकसित होगा ‘ग्रेटर पटना’

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BNT Desk: बिहार के लोगों के लिए परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने वाला है। राज्य सरकार ने पटना को गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और आरा जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए चार रैपिड रेल कॉरिडोर बनाने को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद इन शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और लोगों को तेज, सुरक्षित व आधुनिक रेल सेवा मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस परियोजना सहित कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

 

क्या है रैपिड रेल?

रैपिड रेल एक सेमी हाई-स्पीड यात्री रेल सेवा है, जिसे दो शहरों के बीच तेज़ और सुविधाजनक यात्रा के लिए विकसित किया जाता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दिल्ली-मेरठ ‘नमो भारत’ रैपिड रेल है, जहां करीब 82 किलोमीटर की दूरी लगभग 55 मिनट में पूरी होती है। अब बिहार में भी इसी मॉडल पर आधुनिक रैपिड रेल नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

चार रैपिड रेल कॉरिडोर पर होगा काम

राज्य सरकार ने चार रैपिड रेल कॉरिडोर विकसित करने की मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को सौंपी गई है। इसके लिए कैबिनेट ने 31.59 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। NCRTC यह तय करेगा कि किन रूटों पर रेल लाइन एलिवेटेड होगी, कहां अंडरग्राउंड बनेगी और कौन-सा सिस्टम सबसे किफायती रहेगा।

 

‘ग्रेटर पटना’ का सपना होगा साकार

सरकार का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ रेल सेवा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बिहार के शहरी विकास की दिशा भी बदल देगी। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर ‘ग्रेटर पटना’ विकसित करने की योजना है। इसके तहत पटना के आसपास सैटेलाइट टाउनशिप विकसित होंगी, जिससे राजधानी पर बढ़ते आबादी के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। इसका लाभ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा।

ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप भी बनेगी

कैबिनेट ने पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण को भी मंजूरी दी है। इन टाउनशिप में सड़क, बिजली, पेयजल, सीवरेज और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

 

डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को भी मंजूरी

कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत 154 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और फसलों का डिजिटल सर्वे कराया जाएगा।

 

सरकारी भवनों पर लगेंगे रूफटॉप सोलर प्लांट

राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक सभी सरकारी भवनों की छतों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की योजना को भी मंजूरी दी है। इससे बिजली उत्पादन बढ़ेगा और ऊर्जा लागत में कमी आएगी।

 

विक्रमशिला सेतु की होगी मरम्मत

भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु की मरम्मत, नया सस्पेंडेड स्लैब बनाने और बेली ब्रिज के निर्माण के लिए 126.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

 

AERO और ERO अधिकारियों को मिलेगा मानदेय

कैबिनेट ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगे 1,351 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) को 25 हजार रुपये वार्षिक मानदेय देने का फैसला किया है। इसके लिए 3.37 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) को 30 हजार रुपये प्रति वर्ष मानदेय मिलेगा।

 

इंजीनियरिंग कॉलेजों में बढ़ेंगे शिक्षक

राज्य के 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए 76 नए शिक्षकों के पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई है। इनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं।

 

क्या होगा फायदा?

रैपिड रेल परियोजना पूरी होने के बाद बिहार के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा तेज और आसान होगी। इससे रोजगार, व्यापार, शिक्षा और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आधुनिक परिवहन व्यवस्था के जरिए बिहार के शहरी विकास को नई गति मिलने का भी अनुमान है।

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