BNT Desk: बिहार में त्योहारी सीजन के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। एक तरफ छठ और दिवाली को देखते हुए रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ रेलखंडों पर होने वाले प्री-एनआई और एनआई कार्य के कारण बड़ी संख्या में ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। पूर्व मध्य रेलवे के मुताबिक 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच 383 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। इसके साथ ही कई ट्रेनों के निर्धारित ठहराव भी अस्थायी रूप से रद्द किए गए हैं। ऐसे में इस अवधि में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन का रूट, समय और ठहराव पहले से जांचना जरूरी होगा।
राजेंद्र पुल समेत कई रेलखंडों पर होगा काम
ट्रेनों के परिचालन में बदलाव की मुख्य वजह दानापुर और सोनपुर मंडल के कई महत्वपूर्ण रेलखंडों पर होने वाला प्री-एनआई और एनआई कार्य है। दानापुर मंडल के राजेंद्र पुल, ऊपरी हाथीदह जंक्शन, टाल और रामपुर डुमरा तथा सोनपुर मंडल के दिनकर ग्राम सिमरिया रेलखंड से जुड़े कार्य इस दौरान किए जाएंगे। इन कार्यों के दौरान नए रेल पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने और रेल परिचालन की संरचना को बेहतर करने से जुड़े काम किए जाने हैं। रेलवे के लिए इस तरह के एनआई कार्य के दौरान ट्रेनों का परिचालन सामान्य तरीके से जारी रखना संभव नहीं होता। इसलिए सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों को दूसरे रास्तों से चलाने, कुछ ट्रेनों के ठहराव हटाने और कुछ ट्रेनों के परिचालन में अन्य बदलाव करने का फैसला लिया गया है।
19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक यात्रियों को सावधानी
इस बदलाव का असर 19 सितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक रहने वाला है। ऐसे में अगर कोई यात्री इस अवधि में बिहार से होकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाला है तो उसे केवल टिकट पर लिखे पुराने रूट और समय पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। रेलवे की ओर से जारी संशोधित परिचालन के अनुसार कई ट्रेनों का रास्ता बदल गया है। इसके अलावा कुछ प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव भी हटाए गए हैं। इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जिन्होंने पटना, मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, बरौनी, आरा या दूसरे प्रभावित स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने या उतरने की योजना बनाई है।
दिल्ली-कामाख्या एक्सप्रेस का बदलेगा रूट
प्रभावित प्रमुख ट्रेनों में दिल्ली-कामाख्या एक्सप्रेस भी शामिल है। यह ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग के बजाय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गया और किऊल के रास्ते चलाई जाएगी। रूट में बदलाव के कारण दिलदारनगर, बक्सर, आरा, पटना, पटना साहिब और मोकामा जैसे स्टेशनों पर इसके निर्धारित ठहराव प्रभावित रहेंगे। यानी इन स्टेशनों से इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी और अपनी ट्रेन की अपडेटेड स्थिति पहले से जांचनी होगी। आरा से जुड़ी जानकारी के अनुसार 19 सितंबर से इस ट्रेन का सामान्य परिचालन मार्ग प्रभावित रहेगा।
गांधीधाम-कामाख्या एक्सप्रेस भी डायवर्ट
गांधीधाम-कामाख्या एक्सप्रेस को भी बदले हुए मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन दानापुर, पाटलिपुत्र, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी और बरौनी के रास्ते चलेगी। रूट में बदलाव के कारण पटना जंक्शन पर इसका निर्धारित ठहराव नहीं रहेगा। इस ट्रेन से पटना या आसपास के क्षेत्र से यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बोर्डिंग स्टेशन बदले हुए परिचालन में शामिल है या नहीं। रेलवे ने प्रभावित यात्रियों को यात्रा से पहले अपडेटेड जानकारी लेने की सलाह दी है।
पूर्वा एक्सप्रेस का भी बदलेगा रास्ता
हावड़ा से नई दिल्ली जाने वाली पूर्वा एक्सप्रेस भी प्रभावित ट्रेनों की सूची में शामिल है। यह ट्रेन किऊल, शेखपुरा, बिहारशरीफ और बख्तियारपुर के रास्ते संचालित की जाएगी। रूट परिवर्तन के कारण बाढ़ और मोकामा में इसका निर्धारित ठहराव नहीं होगा। इससे इन स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की ताजा स्थिति जरूर जांच लें, ताकि ट्रेन के निर्धारित ठहराव में बदलाव के कारण उन्हें परेशानी न हो।
अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस भी वैकल्पिक रूट से
अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस का परिचालन भी प्रभावित रहेगा। यह ट्रेन बख्तियारपुर, बिहारशरीफ, शेखपुरा और किऊल के रास्ते चलाई जाएगी। इस बदलाव के कारण मोकामा में ट्रेन का ठहराव नहीं होगा। इस ट्रेन से मोकामा या आसपास के यात्रियों को यात्रा से पहले यह देखना होगा कि उन्हें किस स्टेशन से ट्रेन पकड़नी है। रूट बदलने के कारण ट्रेन का सामान्य परिचालन पैटर्न प्रभावित रहेगा।
गरीब रथ के चार स्टेशनों पर स्टॉपेज नहीं
जयनगर से आनंद विहार जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस के परिचालन में भी बदलाव किया गया है। यह ट्रेन समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र और दानापुर के रास्ते चलेगी। रूट परिवर्तन के कारण मोकामा, पटना जंक्शन, बख्तियारपुर और बरौनी में इसका निर्धारित ठहराव नहीं होगा। ऐसे में इन स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
पटना-मोकामा रूट पर ज्यादा असर
इस पूरे बदलाव का प्रभाव पटना-मोकामा रेलखंड से जुड़े यात्रियों पर विशेष रूप से पड़ने वाला है। इस क्षेत्र से गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट और ठहराव में बदलाव किया गया है। इसके अलावा राजेंद्र पुल और उससे जुड़े रेल नेटवर्क पर होने वाले कार्य का असर उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच ट्रेन परिचालन पर भी पड़ रहा है। रेलवे से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार नए रेल पुल को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने के लिए किए जा रहे कार्यों के दौरान ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट और आंशिक रूप से संचालित करने की व्यवस्था भी की जा रही है।
यात्रा से पहले ऐसे चेक करें ट्रेन का स्टेटस
रेल यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति जरूर जांचें। सिर्फ ट्रेन नंबर और टिकट देखकर स्टेशन पहुंचना पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि इस अवधि में रूट और ठहराव दोनों में बदलाव किया गया है। यात्रियों को अपने बोर्डिंग और डेस्टिनेशन स्टेशन की जानकारी भी पहले से पक्की कर लेनी चाहिए। रेलवे की आधिकारिक जानकारी, ट्रेन पूछताछ सेवा या 139 हेल्पलाइन से ट्रेन की ताजा स्थिति की पुष्टि की जा सकती है। इससे रूट बदलने या ठहराव रद्द होने के कारण होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या पहले से बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में जिन लोगों की यात्रा इन तारीखों के बीच निर्धारित है, उनके लिए ट्रेन का अपडेटेड रूट और स्टॉपेज जांचना खास तौर पर जरूरी है। रेलवे का यह बदलाव निर्धारित अवधि तक लागू रहेगा और कार्य पूरा होने के बाद परिचालन में सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद है।