पटना साइंस कॉलेज: MBBS परीक्षा के दौरान भारी बवाल; मोबाइल के साथ एंट्री पर अड़े छात्र, प्रश्न पत्र लीक होने का दावा

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BNT Desk: राजधानी पटना के प्रतिष्ठित पटना साइंस कॉलेज केंद्र पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रोफेशनल एमबीबीएस सेमेस्टर-3 (Professional MBBS 3) की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU) के तहत आयोजित इस परीक्षा में राज्य के तीन बड़े मेडिकल कॉलेजों के छात्र शामिल हो रहे थे। हंगामे की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर प्रश्न पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने की खबरों ने परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तीन मेडिकल कॉलेजों के छात्र और विवाद की वजह

इस परीक्षा केंद्र पर पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH), नालंदा मेडिकल कॉलेज (NMCH) और पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे। विवाद तब शुरू हुआ जब छात्रों ने फिजिकल एडमिट कार्ड के बजाय अपने मोबाइल फोन में एडमिट कार्ड दिखाने की जिद की।

छात्र इस बात पर अड़ गए कि वे मोबाइल फोन लेकर ही परीक्षा केंद्र के अंदर जाएंगे। जब कॉलेज प्रशासन और वीक्षकों (Invigilators) ने नियमों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया, तो परीक्षार्थी उग्र हो गए। आरोप है कि छात्रों ने वीक्षकों के साथ बदसलूकी भी की, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और कॉलेज प्रशासन को तुरंत पुलिस बुलानी पड़ी।

प्रश्न पत्र लीक की चर्चा और पुलिसिया कार्रवाई

हंगामे के बीच ही यह खबर आग की तरह फैल गई कि एमबीबीएस सेमेस्टर-3 का प्रश्न पत्र लीक हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक कथित प्रश्न पत्र तेजी से वायरल होने लगा। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी परीक्षार्थी शांत नहीं हुए और केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। वर्तमान में स्थिति को काबू करने के लिए केंद्र पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

शुक्रवार को भी हुआ था विवाद: नकल पर थी सख्ती

दिलचस्प बात यह है कि इस केंद्र पर विरोध की शुरुआत शुक्रवार से ही हो गई थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जब कॉलेज प्रशासन ने नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाए, तो परीक्षार्थियों ने उसका कड़ा विरोध किया था। इस विवाद से तंग आकर कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा लेने से इनकार तक कर दिया था और एकेयू के परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी थी।

शुक्रवार को आब्जर्वर और वीक्षक केंद्र छोड़कर चले गए थे, लेकिन इसके बावजूद छात्रों ने परीक्षा दी थी। इस घटनाक्रम के बाद से ही शुक्रवार की परीक्षा को रद्द करने की चर्चाएं भी तेज हो गई थीं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख

लगातार दो दिनों से हो रहे हंगामे और प्रश्न पत्र लीक के आरोपों पर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU) के कुलपति ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही यह निर्णय लिया जाएगा कि परीक्षा को रद्द किया जाए या नहीं। फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

साख पर लगा बट्टा

मेडिकल जैसे संवेदनशील क्षेत्र की परीक्षा में इस तरह का हंगामा और कदाचार के प्रयास गंभीर चिंता का विषय हैं। भविष्य के डॉक्टरों द्वारा नियमों का उल्लंघन और वीक्षकों के साथ बदसलूकी न केवल शिक्षा व्यवस्था बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र की नैतिकता पर भी सवाल उठाती है। अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय इस मामले में क्या कड़ा रुख अपनाता है।

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