BNT Desk: पटना जिले के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। जिला पदाधिकारी (DM) डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने “दानापुर निजामत नगर परिषद” के रामजी चक क्षेत्र से ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। इस चरण में मुख्य रूप से मकानों का सूचीकरण और उनकी गणना की जाएगी। जिलाधिकारी ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया केवल कागजी आंकड़े जुटाना नहीं है, बल्कि यह भविष्य की विकास योजनाओं की नींव रखने जैसा है।
नीति निर्माण का सबसे सशक्त साधन
जिला पदाधिकारी ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सटीक आंकड़े ही शासन-प्रशासन को बेहतर नीतियां बनाने में मदद करते हैं। चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो या बुनियादी ढांचा, जब तक सरकार के पास अद्यतन जानकारी नहीं होगी, तब तक योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाएगा। यह जनगणना प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
दो हिस्सों में बंटा पटना
काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए पटना जिले को दो इकाइयों में विभाजित किया गया है:
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पटना नगर निगम क्षेत्र: इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर आयुक्त को दी गई है।
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ग्रामीण और अन्य नगर निकाय: शेष जिले के कुल 40 चार्जों की जिम्मेदारी स्वयं जिलाधिकारी ‘प्रधान जनगणना अधिकारी’ के रूप में संभाल रहे हैं।
कार्यबल की तैनाती:
जनगणना के सफल संचालन के लिए एक विशाल बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है:
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पूरे जिले को 8,114 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) में बांटा गया है।
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ग्राउंड लेवल पर डेटा जुटाने के लिए 7,963 प्रगणकों (Enumerators) की ड्यूटी लगाई गई है।
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इनके कार्यों की निगरानी के लिए 1,343 पर्यवेक्षक (Supervisors) तैनात हैं।
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किसी भी आपात स्थिति के लिए 899 प्रगणक और 154 पर्यवेक्षकों का ‘रिजर्व पूल’ भी तैयार रखा गया है ताकि कार्य निरंतर चलता रहे।
डिजिटल जनगणना और ‘स्व-गणना’ की सुविधा
‘जनगणना 2027’ की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह डिजिटल होना है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से डेटा संग्रहण अब तेज और पारदर्शी होगा। खास बात यह है कि नागरिक अब ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) पोर्टल के जरिए खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। पटना में इस पहल को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और अब तक 2.5 लाख से अधिक परिवारों ने पोर्टल पर अपनी जानकारी भर दी है। डीएम ने अपील की है कि जिन लोगों ने ऑनलाइन जानकारी दी है, वे प्रगणक के आने पर अपना रेफरेंस नंबर जरूर साझा करें।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता का भरोसा
नागरिकों के मन में डेटा की सुरक्षा को लेकर कोई संशय न रहे, इसके लिए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि साझा की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहेगी। आंकड़ों का उपयोग केवल विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों के लिए किया जाएगा, किसी की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीकी सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं।
जनसहभागिता की अपील
जिलाधिकारी ने मीडिया और आम जनता से इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक सामूहिक जिम्मेदारी है। लोगों को प्रगणकों के साथ सहयोग करना चाहिए, सही जानकारी देनी चाहिए और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।