BNT Desk: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका क्रिकेट टीम एक नए अवतार में नजर आ रही है। लंबे समय तक खराब फॉर्म और निराशाजनक प्रदर्शन से जूझने के बाद, इस टूर्नामेंट में श्रीलंकाई शेरों ने जबरदस्त वापसी की है। अब तक खेले गए अपने तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर टीम ने 3-0 का अजेय रिकॉर्ड कायम किया है। प्रशंसकों में इस प्रदर्शन ने एक नई जान फूंक दी है।
श्रीलंका का दबदबा और ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत
श्रीलंका की इस शानदार लय का सबसे बड़ा प्रमाण उनका पिछला मैच रहा, जहाँ उन्होंने दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई टीम को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत ने न केवल क्रिकेट जगत को एक बड़ा संदेश दिया, बल्कि श्रीलंकाई टीम के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है। अब टीम अपनी इसी जीत की लय को बरकरार रखते हुए अगले मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ उतरने को तैयार है।
आर. प्रेमदासा स्टेडियम: जश्न और जुनून का संगम
कोलंबो का ऐतिहासिक आर. प्रेमदासा स्टेडियम इस समय किसी उत्सव के मैदान जैसा दिख रहा है। चूंकि श्रीलंका पहले ही सुपर-8 के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर चुका है, इसलिए इस मैच में हार-जीत का ज्यादा मानसिक दबाव नहीं है। स्टेडियम में ‘पापारे बैंड’ की मशहूर धुनें और झूमते प्रशंसक यह बता रहे हैं कि श्रीलंका में क्रिकेट का पुराना दौर वापस आ रहा है। यह मैच दर्शकों के लिए पूरी तरह से मनोरंजन और जश्न का मौका होने वाला है।
जिम्बाब्वे: इस वर्ल्ड कप का ‘छोटा पैकेट बड़ा धमाका’
टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले जिम्बाब्वे को बहुत मजबूत नहीं माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने अपने खेल से सबको खामोश कर दिया है। जिम्बाब्वे की कहानी भी काफी हद तक श्रीलंका जैसी ही रही है। उन्होंने भी ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीम को हराकर यह साबित कर दिया कि वे किसी भी टीम का समीकरण बिगाड़ने की ताकत रखते हैं। जिम्बाब्वे के प्रशंसक भी अपनी टीम के इस जुझारू प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हैं।
सुपर-8 से पहले आखिरी तैयारी
यह मुकाबला दोनों ही टीमों के लिए सुपर-8 स्टेज की रिहर्सल जैसा है। जहां श्रीलंका अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी के तालमेल को और सटीक करना चाहेगा, वहीं जिम्बाब्वे अपनी निरंतरता (Consistency) पर ध्यान देगा। दोनों ही टीमें इस मैच का उपयोग अपनी रणनीतियों को परखने और मुख्य दौर से पहले खिलाड़ियों की फॉर्म को और बेहतर करने के लिए करेंगी।