BNT Desk: भारत के खिलाफ होने वाले डे-नाइट मैच से पहले नामीबिया टीम ने प्रैक्टिस टाइम को लेकर नाराजगी जताई है। नामीबिया का कहना है कि उन्हें रात में फ्लडलाइट्स में अभ्यास करने का मौका नहीं दिया गया। उन्हें मजबूरी में दोपहर में ही ट्रेनिंग करनी पड़ी, जबकि डे-नाइट मैच में रात में खेलने की तैयारी बहुत जरूरी होती है।
भारत और कनाडा को मिला नाइट प्रैक्टिस का मौका
रिपोर्ट के अनुसार, जब नामीबिया टीम दोपहर में अभ्यास करके जा रही थी, उसी समय भारतीय टीम और कनाडा की टीम फ्लडलाइट्स में ट्रेनिंग के लिए पहुंची। खास बात यह है कि कनाडा का अगला मैच भी दिन में खेला जाना है। इससे नामीबिया टीम को लगा कि उनके साथ बराबरी का मौका नहीं दिया गया।
कप्तान जेरार्ड इरास्मस का बयान
नामीबिया के कप्तान जेरार्ड इरास्मस ने कहा कि उनके देश में फ्लडलाइट्स वाला इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत कम है। कुछ खिलाड़ी जो विदेशी लीग या वर्ल्ड कप खेल चुके हैं, उन्हें ही नाइट मैच का अनुभव है। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ मैच से पहले रात में अभ्यास न मिलना टीम के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन वे मैदान पर पूरी ताकत से लड़ेंगे।
ICC ने दी अपनी सफाई
ICC ने इस विवाद पर कहा कि सभी टीमों को 27 जनवरी को ही ट्रेनिंग शेड्यूल भेज दिया गया था। नामीबिया ने 10 फरवरी की रात को टाइम बदलने की मांग की, जो काफी देर से आई। इसी वजह से शेड्यूल में बदलाव नहीं किया जा सका।
मैच में नामीबिया के सामने बड़ी चुनौती
नामीबिया पहले ही नीदरलैंड से मैच हार चुका है। अब भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ बिना नाइट प्रैक्टिस के खेलना उनके लिए मुश्किल होगा। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारतीय गेंदबाजों और ओस का सामना करना नामीबिया बल्लेबाजों के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।