U-19 World Cup 2026: विश्व मंच पर चमका बिहार का लाला; सिर्फ 55 गेंदों में शतक जड़कर बाबर आज़म को भी पीछे छोड़ा

भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 55 गेंदों पर शतक जड़कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने एक टूर्नामेंट में सर्वाधिक 20 छक्के लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और बाबर आज़म को पछाड़ते हुए यूथ वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए।

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BNT Desk: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में वो कर दिखाया है, जो आज तक क्रिकेट की दुनिया में कोई नहीं कर सका। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में वैभव ने महज 55 गेंदों पर तूफानी शतक ठोक कर न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुँचाया, बल्कि विश्व रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से विपक्षी टीम के गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए।

छक्कों की बारिश और वर्ल्ड रिकॉर्ड

वैभव सूर्यवंशी अब अंडर-19 वर्ल्ड कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के ‘बेबी एबी’ कहे जाने वाले डेवाल्ड ब्रेविस का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ब्रेविस ने साल 2022 के वर्ल्ड कप में 18 छक्के लगाए थे, लेकिन वैभव ने इस टूर्नामेंट में 20 छक्के जड़कर नया इतिहास लिख दिया है। मैदान का कोई भी कोना ऐसा नहीं था जहाँ वैभव के शॉट न गए हों।

बाबर आज़म को छोड़ा पीछे, बने ‘सिक्सर किंग’

वैभव की यह उपलब्धि केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। उन्होंने अंडर-19 वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज बाबर आज़म को भी पीछे छोड़ दिया है। जहाँ बाबर ने अपने अंडर-19 करियर में 1271 रन बनाए थे, वैभव अब उनसे आगे निकल चुके हैं। इसके अलावा, वह यूथ वनडे (अंडर-19) के इतिहास में 100 छक्के पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। दूसरे नंबर पर बांग्लादेश के जवाद अबरार हैं, जिनके नाम केवल 55 छक्के हैं।

इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक

अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दूसरा सबसे तेज शतक है। रिकॉर्ड बुक के अनुसार, सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड विल मलाजुक के नाम है जिन्होंने 51 गेंदों पर यह कारनामा किया था। भारत की तरफ से इससे पहले राज बावा ने 69 गेंदों पर शतक लगाया था, लेकिन वैभव ने अब उन्हें भी काफी पीछे छोड़ दिया है। वैभव की इस पारी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

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