BNT Desk: बिहार के छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा एलान किया है। अब राज्य के उन इलाकों में भी पढ़ाई का सपना सच होगा जहाँ बच्चों को कॉलेज जाने के लिए मीलों दूर जाना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि बिहार में 213 नए डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं, जिनमें इसी साल जुलाई 2026 से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
हर प्रखंड में होगा कॉलेज, बेटियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर प्रखंड (ब्लॉक) में कम से कम एक डिग्री कॉलेज स्थापित करना है। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण इलाकों की छात्राओं को होगा। अक्सर गाँव की बेटियाँ कॉलेज दूर होने की वजह से 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती थीं, लेकिन अब उनके अपने इलाके में कॉलेज होने से वे उच्च शिक्षा आसानी से हासिल कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के ‘ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो’ में भी सुधार आएगा।
55 संस्थान बनेंगे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’
सिर्फ नए कॉलेज ही नहीं, बल्कि पुराने शिक्षण संस्थानों को भी आधुनिक बनाने की तैयारी है। सरकार ने राज्य के 55 मौजूदा शिक्षण संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। इन केंद्रों में अत्याधुनिक लैब, लाइब्रेरी और विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी, ताकि बिहार के छात्र तकनीक और रिसर्च के मामले में देश के अन्य बड़े राज्यों के छात्रों के साथ कदम से कदम मिला सकें।
जुलाई 2026 से नया सत्र, तैयारियां तेज
शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि नए कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम समय पर पूरा कर लिया जाए। लक्ष्य यह है कि आगामी शैक्षणिक सत्र, यानी जुलाई 2026 से छात्र इन 213 कॉलेजों में अपना नामांकन (एडमिशन) करा सकें। नीतीश सरकार का यह कदम बिहार में उच्च शिक्षा की तस्वीर बदलने वाला माना जा रहा है। अब छात्रों को डिग्री के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा, बल्कि गाँव-कस्बों में ही उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।