BNT Desk: सरस्वती पूजा की खुशियों के बीच हरनी गांव अचानक रणक्षेत्र में बदल गया। जिले के गरही थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प ने गांव में दहशत फैला दी। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर पत्थर चले और आक्रोशित लोगों ने पुंज (पुआल के ढेर) व एक फूस के घर में आग लगा दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 5 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।
विसर्जन के दौरान कैसे भड़की हिंसा?
मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को तांती समुदाय के लोग धूमधाम से सरस्वती माता की मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे थे। जैसे ही जुलूस तुरी टोला के पास पहुँचा, पुरानी रंजिश को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात गाली-गलौज से पत्थरबाजी तक पहुँच गई। उपद्रवियों ने घर के पास रखे पुआल में आग लगा दी, जिससे लपटें उठने लगीं और गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत ‘डायल 112’ पर फोन कर पुलिस को इसकी सूचना दी।
पुरानी रंजिश बनी विवाद की जड़
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाद अचानक नहीं हुआ। दरअसल, एक दिन पहले 25 जनवरी को भी तुरी टोला की मूर्ति विसर्जन के दौरान दोनों पक्षों में हल्की नोकझोंक हुई थी। उसी विवाद की खुन्नस में 26 जनवरी को जब दूसरा पक्ष विसर्जन के लिए निकला, तो माहौल फिर से गरमा गया। सही समय पर समझदारी न दिखाने के कारण यह छोटी सी बात एक हिंसक संघर्ष में बदल गई।
पुलिस की कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
सूचना मिलते ही गरही थाना प्रभारी विपिन चंद्र पालटा दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए भीड़ को खदेड़ा और स्थिति को काबू में किया। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों गुटों से 5 लोगों को पकड़कर थाने लाया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। गांव में फिलहाल तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि शांति बनी रहे।
प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
पुलिस प्रशासन ने गांव वालों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि उपद्रव करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस गश्त कर रही है और स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ जानकारी शेयर न करने और आपसी भाईचारा बनाए रखने को कहा है।